प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (पीएमएवाई) के लाभार्थियों की पात्रता की जांच अब एक बार में ही होगी। नगर विकास विभाग ने यह फैसला मकान स्वीकृत होने के बाद कई स्तरों पर जांच के नाम पर पात्रों के शोषण की शिकायतों के मद्देनजर किया है। इसके लिए विभाग ने जांच प्रक्रिया में कई बदलाव किए हैं।
नगर विकास विभाग ने आवेदन पत्र में पात्रता संबंधी सूचनाओं की एक बार में ही शत-प्रतिशत जांच पूरी करने के बाद ही मकानों की डीपीआर तैयार करने को कहा है, ताकि निर्माण के दौरान किस्त जारी होने में देरी न हो। प्रमुख सचिव नगर विकास मनोज कुमार सिंह ने डूडा के अध्यक्ष के रूप में सभी जिलाधिकारियों को इस संबंध में निर्देश दिए हैं।
साथ ही स्वीकृत 11 लाख 10 हजार 520 मकानों की जियो टैगिंग इसी महीने पूरी करने को कहा है। जिलों में तैनात पीएमसी कर्मी परियोजना निदेशक या परियोजना अधिकारी की ओर से जारी आई कार्ड पहनकर ही फील्ड में जाएं। नौकरी छोड़ने पर कार्ड वापस जमा करना भी अनिवार्य किया गया है।