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प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी में अब सिर्फ एक बार में ही पूरी होगी लाभार्थियों की पात्रता जांच

Wed, 03 Jul 2019 06:51 AM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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PM awas yojana
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प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (पीएमएवाई) के लाभार्थियों की पात्रता की जांच अब एक बार में ही होगी। नगर विकास विभाग ने यह फैसला मकान स्वीकृत होने के बाद कई स्तरों पर जांच के नाम पर पात्रों के शोषण की शिकायतों के मद्देनजर किया है। इसके लिए विभाग ने जांच प्रक्रिया में कई बदलाव किए हैं।  
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नगर विकास विभाग ने आवेदन पत्र में पात्रता संबंधी सूचनाओं की एक बार में ही शत-प्रतिशत जांच पूरी करने के बाद ही मकानों की डीपीआर तैयार करने को कहा है, ताकि निर्माण के दौरान किस्त जारी होने में देरी न हो। प्रमुख सचिव नगर विकास मनोज कुमार सिंह ने डूडा के अध्यक्ष के रूप में सभी जिलाधिकारियों को इस संबंध में निर्देश दिए हैं। 

साथ ही स्वीकृत 11 लाख 10 हजार 520 मकानों की जियो टैगिंग इसी महीने पूरी करने को कहा है। जिलों में तैनात पीएमसी कर्मी परियोजना निदेशक या परियोजना अधिकारी की ओर से जारी आई कार्ड पहनकर ही फील्ड में जाएं। नौकरी छोड़ने पर कार्ड वापस जमा करना भी अनिवार्य किया गया है।
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इन कारणों से किया गया बदलाव 

योजना के चार घटकों में से सबसे बड़े घटक ‘लाभार्थी आधारित व्यक्तिगत आवास निर्माण’ (बीएलसी) के अंतर्गत जून तक 11 लाख, 10 हजार 520 मकानों को मंजूरी दी गई। स्वीकृत मकानों के मुकाबले 4 लाख 81 हजार 344 मकानों की जियो टैगिंग हुई। इनमें से 3 लाख 24 हजार 844 लाभार्थियों को ही पहली किस्त मिली। यानी जियो टैगिंग के बाद भी 1 लाख 56 हजार 500 लाभार्थियों को किस्त नहीं मिली। इसका कारण संबंधित जिलों के परियोजना अधिकारियों द्वारा अब तक पीपीए जनरेट न करने और प्रस्ताव सूडा मुख्यालय को नहीं मिलना बताया गया। 

इसी तरह पहली किस्त वाले 3 लाख 24 हजार 844 लाभार्थियों में से 1 लाख 7 हजार 65 को दूसरी किस्त और 1 लाख 56 हजार 952 लाभार्थियों को तीसरी किस्त नहीं मिली। इसकी वजह बताई गई कि जिला स्तर पर डीपीआर मंजूर होने के बाद पहली, दूसरी व तीसरी किस्त जारी करने से पहले व बाद में जांच प्रक्रिया चल रही है।
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