वक्फ संपत्ति घोषित करने का अधिकार अब डीएम को ही मिलेगा। संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण में 14 अहम बदलावों के साथ वक्फ संशोधन विधेयक प्रस्तुत किया जाएगा। इससे यूपी में भी वक्फ संपत्ति को लेकर होने वाले तमाम विवादों पर विराम लग सकेगा।
यूपी में वक्फ संपत्ति को लेकर काफी विवाद हैं। स्थिति यह है कि वक्फ बोर्डों के रिकॉर्ड में कुल 132140 संपत्तियां वक्फ के रूप में दर्ज हैं। लेकिन, इनमें से तहसील रिकॉर्ड में महज 2528 संपत्तियों का ही वक्फ के तौर पर नामांतरण हुआ है। जबकि, किसी भी संपत्ति के वक्फ होने पर उसका राजस्व रिकॉर्ड में नामांतरण (म्युटेशन) जरूरी है।
सूत्रों के मुताबिक, संयुक्त संसदीय समिति ने वक्फ एक्ट में जो संशोधन सुझाए हैं, उनमें किसी संपत्ति को वक्फ घोषित करने का अंतिम अधिकार संबंधित जिलाधिकारी को होगा। वक्फ बोर्ड सिर्फ अपनी संस्तुति जिला प्रशासन को भेज सकेंगे।
जिलाधिकारी के सहमत होने पर ही उस संपत्ति को वक्फ के रूप में दर्ज किया जाएगा। इसमें जमीन के दस्तावेजों का 1952 के राजस्व रिकॉर्ड से मिलान करने के बाद ही निर्णय होगा। माना जा रहा है कि संसद के इसी सत्र में वक्फ संशोधन विधेयक को मंजूरी मिल जाएगी।