लखनऊ। जो रेल टिकट यात्रियों को मिलने चाहिए, उन्हें दलाल 120 दिनों का एडवांस रिजर्वेशन पीरियड (एआरपी) खुलते ही बुक कर लेते हैं। फिर इन्हें मनमाने दाम पर बेचते हैं। एक नवंबर से एआरपी 60 दिन का हो जाने से यह खेल नहीं हो सकेगा।
रेलवे बोर्ड के अधिकारी ने बताया कि अभी तक दलाल 120 दिन पहले ही ज्यादातर टिकटों की बुकिंग कर लेते है। एडवांस बुकिंग का समय कम लिए जाने से यात्रियों के लिए टिकट बुकिंग आसान होगी। दलाल टिकटों की ब्लॉकिंग नहीं कर सकेंगे।
...पर रेलवे को होगा नुकसान
एडवांस रिजर्वेशन पीरिएड दो महीने होने पर रेलवे का नुकसान होगा। अभी चार महीने पहले टिकट बुक होने पर एडवांस में मोटी रकम मिल जाती थी, जिसमें अब कमी आएगी। अधिकतर मामलों में एआरपी में बुक टिकट निरस्त हो जाते थे, जिसका कैंसिलेशन चार्ज भी रेलवे को मिलता था।
खाली रह जाती हैं सीटें
रेलवे अफसरों ने बताया कि एआरपी अधिक होने से सीटें भी खाली रह जाती हैं, जिससे रेलवे को राजस्व का नुकसान होता है। अभी करीब 21 प्रतिशत टिकट निरस्त होते हैं। वहीं, करीब पांच प्रतिशत लोग यात्रा नहीं करते, ऐसे में सीटें खाली रह जाने से रेलवे को नुकसान होता है।
लखनऊ मंडल में बुक होने वाले टिकट
टिकट बुकिंग का स्रोत उत्तर रेलवे पूर्वोत्तर रेलवे
काउंटरों से 22,92,930 15,95,050
ऑनलाइन 1,77,94,480 1,20,42,080
(नोटः बुक होने वाले टिकटों की संख्या एक वर्ष की है।)