बोर्ड में लगातार बढ़ रही है शिकायतें
प्रदेश के विभिन्न जिलों में तैनात सभी अपर जिलाधिकारी (एडीएम) भी अब गुंडा एक्ट से जुड़े मामलों का निस्तारण कर सकेंगे। राज्य सरकार ने इस एक्ट के तहत बढ़ते मामले के मद्देनजर यह निर्णय लिया है। इस बाबत गृह विभाग ने शासनादेश जारी कर दिया है।
शासनादेश के मुताबिक गुंडा एक्ट के मामलों के निस्तारण के लिए जिलों में तैनात एडीएम प्रशासन, एडीएम वित्त व राजस्व, एडीएम नगर, एडीएम न्यायिक और एडीएम भू-राजस्व को भी अधिकृत किया गया है। इसके लिए उत्तर प्रदेश गुंडा नियंत्रण अधिनियम-1970 की अधिसूचना में जरूरी संशोधन किया गया है।
गृह सचिव भगवान स्वरूप ने कहा कि इससे गुंडा एक्ट के लंबित पड़े मामलों के निस्तारण में तेजी आएगी। अभी तक जिलों में डीएम के अलावा एक-दो एडीएम के पास ही इन मामलों के निस्तारण का अधिकार होता था। नए संशोधन के बाद सभी एडीएम को इसके अधिकार मिल गए हैं। दरअसल में जिलों में चुनिंदा अफसरों के पास इसके अधिकार होने से इस तरह के मामलों का समय से निस्तारण नहीं हो पा रहा था, इससे विभिन्न जिलों में ऐसे प्रकरण खासी संख्या में लंबित होने लगे थे।