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50 फीसदी निजी कोविड अस्पतालों में सुधरा ऑक्सीजन बैकअप

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निजी कोविड अस्पतालों में ऑक्सीजन सप्लाई सुधरी पर अभी भी मांग के अनुरूप नहीं। - फोटो : ??? ?????
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हैरिटेज कोविड हॉस्पिटल में मरीज भर्ती के लिए डॉक्टर को कॉल की गई तो स्टाफ ने जवाब दिया कि भर्ती बंद है। रविवार शाम तक भी ऑक्सीजन नहीं आई। बेड खाली हैं पर ऑक्सीजन का इंतजाम खुद करना होगा। इसके बाद ही मरीज को अस्पताल लाएं।
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सीएनएस कोविड हॉस्पिटल में मरीजों की भर्ती व ऑक्सीजन की उपलब्धता के बारे में पूछा गया तो वहां भी निराशाजनक जवाब मिला। अस्पताल के डॉक्टर ने ऑक्सीजन न होने की बात कहते हुए भर्ती करने में असमर्थता जताई। वहीं, कैरियर कॉलेज में भी ऑक्सीजन का संकट बना हुआ है।
इंटीग्रल अस्पताल में करीब सौै से अधिक मरीज भर्ती हैं। रविवार शाम तक अस्पताल में ऑक्सीजन का महज तीन घंटे का ही बैकअप बचा था। अस्पताल के अधिकारियों का कहना है कि नई खेप आने के बाद भी कोई खास राहत नहीं मिली।
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रेवांता अस्पताल को कोविड में बदला गया है। यहां पर ऑक्सीजन का स्टॉक तो पहुंचा गया मगर मरीजों की भर्ती नहीं शुरू हो पाई। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि कोविड के लिए अस्पताल को तैयार किया जा रहा है। इसमें सोमवार से भर्ती होने की आस मरीजों की जगी है।
राजधानी में ऑक्सीजन की कमी से जूझ रहे निजी कोविड अस्पतालों में कुछ स्थिति सुधरी है। ऑक्सजीन की खेप आने से अब 50 फीसदी निजी कोविड अस्पतालों के पास दो दिन का बैकअप हो गया है।
लेकिन इन अस्पतालों में बेड फुल हो चुके हैं। वहीं, ऑक्सीजन की कमी से जूझ रहे बाकी निजी अस्पतालों में दो से तीन घंटे का ही बैकअप है।
यही स्थिति दो से तीन दिन पहले भी थी। इसलिए यहां मरीजों को ऑक्सीजन सिलेंडर लाने पर ही भर्ती करने की बात कही जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग ने जिन 55 नए निजी अस्पतालों को कोविड में बदला है। इनमें से कई में अभी तक भर्ती बंद चल रही थी।
नई प्रक्रिया में दोबारा शामिल होने के बाद रविवार सुबह इन अस्पतालों को ऑक्सीजन का बैकअप मिल गया है। 25 से अधिक निजी अस्पतालों को बैकअप दिया गया है।
ऐसे में उनके यहां पर मरीजों की भर्ती प्रक्रिया भी शुरू कराई जा रही है। सीएमओ डॉ. संजय भटनागर का कहना है कि कुछ निजी अस्पतालों में अभी संकट हैं।
जो रविवार को कोविड में बदले गए हैं उनके यहां अभी तैयारी न होने से भर्ती रुकी हुई है। कुछ जगह पर ऑक्सीजन कमी की बात सामने आई है।
बताया कि सभी कोविड अस्पतालों को ऑक्सीजन का बैकअप भेजा जा रहा है। वहीं, बलरामपुर अस्पताल में भर्ती मरीजों के लिए रविवार शाम तक दो से चार घंटे का ही बैकअप था।
एरा मेडिकल कॉलेज : लिक्विड और सिलेंडर कराए गए उपलब्ध
हरदोई रोड स्थित एरा मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की आपूर्ति मिली। कालेज को लिक्विड और सिलेंडर दोनों उपलब्ध कराए गए हैं। ऑक्सीजन की कमी से एरा ने भर्ती बंद कर दी थी। ऑक्सीजन मिलने के बाद कोरोना मरीजों कुछ राहत जरूर मिलेगी।
लोकबंधु को भी मिली ऑक्सीजन
लोकबंधु कोविड हॉस्पिटल को भी ऑक्सीजन दी गई है। यहां रोज 300 सिलेंडर की जरूरत पड़ती है। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय शंकर त्रिपाठी के मुताबिक, भर्ती मरीजों को काफी राहत मिली है।
शेखर को मिली राहत, पर मेयो में संकट
इंदिरा नगर के शेखर अस्पताल को ऑक्सीजन सिलेंडर की आपूर्ति हुई है। इससे हालात में कुछ सुधार हुआ है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि नए मरीजों की भर्ती ऑक्सीजन स्टॉक को ध्यान में रखते हुए की जा रही है। वहीं, मेयो हॉस्पिटल को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन नहीं मिली है। इससे अस्पताल में मरीजों की भर्ती शुरू नहीं की जा सकी है।
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