लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय के केंद्रीय लेखा कार्यालय ने अग्रिम धनराशि का समायोजन न करने पर नोटिस जारी किया है। यह नोटिस विश्वविद्यालय कर्मचारी परिषद के पदाधिकारियों, शिक्षकों और कर्मचारियों को भेजा गया है।
लेखा कार्यालय ने बताया कि निर्धारित अवधि में अग्रिम राशि का हिसाब प्रस्तुत नहीं किया गया है। ऑडिट रिपोर्ट में आपत्ति के बाद यह कार्रवाई की गई है। लविवि कर्मचारी परिषद के अध्यक्ष और महामंत्री को भी नोटिस जारी हुआ है। इसमें कई शिक्षकों व कर्मचारियों के नाम भी सूची में शामिल हैं। लेखा अधिकारी अंतरा बनर्जी ने सभी को एक हफ्ते में हिसाब देने को कहा है। नियमों के अनुसार, किसी भी अग्रिम का हिसाब अधिकतम तीन महीने में देना अनिवार्य होता है। यह मामले ऑडिट पैरा से जुड़े हैं, जिनकी जिम्मेदारी संबंधित व्यक्तियों की होगी। विश्वविद्यालय के प्रवक्ता मुकुल श्रीवास्तव ने इस मामले की जानकारी न होने की बात कही।