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Lucknow News: ई ऑफिस से फाइलों का संचालन न करने पर अफसरों को नोटिस

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लखनऊ। नगर निगम में करीब दो साल से ई ऑफिस सिस्टम शुरू करने पर कवायद हो रही है, मगर फर्जीवाड़ा करने वाले अपने फायदे के लिए इसे पूरी तरह लागू नहीं होने दे रहे। इस साल अप्रैल से अब तक करीब 50 करोड़ रुपये से अधिक की लागत के विकास कार्यों की फाइलें मैनुअल ही चली हैं। ई ऑफिस सिस्टम का उपयोग नहीं किया गया। हाल में हुई जांच में यह भी सामने आया कि 285 अधिकारी-कर्मचारी ऐसे हैं, जिन्होंने काम करना तो दूर, दो महीने से ई सिस्टम को खोला तक नहीं। ऐसे में अब एक बार फिर अपर आयुक्त नम्रता सिंह ने कड़ाई के साथ इसे लागू करने का आदेश जारी किया है।
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नगर निगम ने जोरशोर से 15 जुलाई से ई ऑफिस की शुरुआत की थी, जिसके बाद कुछ दिनों तक मैनुअल फाइलों संचालन बंद रहा, लेकिन उसके बाद फिर से फाइलें मैनुअल ही चलनी शुरू हो गईं। यह अलग बात है कि ई ऑफिस के नाम पर अफसरों ने अपने चहेतों को कंप्यूटर ऑपरेटर पद पर कार्यदायी संस्था के जरिये तैनात करा लिया। कुछ कंप्यूटर भी खरीदे गए, मगर ई ऑफिस के तहत काम नहीं किया गया।
जानकार कहते हैं कि ई ऑफिस सिस्टम में जो व्यवस्था है, उसमें कोई अधिकारी, कर्मचारी बैक डेट में फाइल पास नहीं कर सकता। फाइल किस स्तर पर लंबित है, इसकी जानकारी भी अधिकारी को मिलती रहती है। ऐसे में फर्जीवाड़ा करने वाले पकड़े जाते। इसके चलते ही उसे पूरी तरह से लागू नहीं होने दिया जा रहा है।
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इन्हें जारी की गई चेतावनी
ई ऑफिस का प्रयोग न करने पर अपर नगर आयुक्त नम्रता सिंह ने जिन अधिकारियों को चेतावनी नोटिस जारी किया है, उनमें मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी, मुख्य अभियंता विद्युत यांत्रिक, प्रभारी अधिकारी अधिष्ठान, विधि, प्रचार, पार्किंग, पर्यावरण अभियंता, जोनल सेनेटरी अधिकारी, जोनल अभियंता व जोनल अधिकारी शामिल हैं।

ई ऑफिस के फायदे
- कोई अधिकारी-कर्मचारी फाइल दबा नहींं सकता। यदि कोई करेगा तो अधिकारी यह पता कर सकेगा कि फाइल कहां पर है।



- फाइल पर की गई नोटिंग को अनधिकृत कर्मचारी-अधिकारी न तो डिलीट कर सकता है और न ही उसमें बदलाव कर सकता है।



- फाइल ऑनलाइन होगी, ऐसे में उसके गायब होने की कोई गुंजाइश नहीं रहेगी।



- फाइल पर अधिकारी-कर्मचारी के डिजिटल हस्ताक्षर होंगे। ऐसे में कोई दूसरा व्यक्ति जाली हस्ताक्षर भी नहीं बना पाएगा।



- ई-ऑफिस में हर स्तर पर फाइल रोकने का एक तय समय है। उससे अधिक समय तक यदि संबंधित कार्यवाही कर उसे आगे नहीं भेजेगा तो उसकी जानकारी अधिकारी को मिल जाएगी।


कोट
जो अधिकारी-कर्मचारी ई ऑफिस का प्रयोग नहीं कर रहे, उनको चेतावनी दी गई है। इसके बाद भी लापरवाही करेंगे, तो विभागीय कार्रवाई के लिए स्थानीय निकाय निदेशालय और शासन को रिपोर्ट भेज दी जाएगी।
- नम्रता सिंह, अपर नगर आयुक्त नगर निगम
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15 दिन बाद रोक दिया जाएगा वेतन

ई ऑफिस के लिए 350 से अधिक अधिकारियों- कर्मचारियों के डिजिटल साइन और लॉगिन आईडी, पासवर्ड बनाए जा चुके हैं। जो कर्मचारी इससे काम नहीं कर रहे, उन्हे 15 दिन का मौका दिया गया है। उसके बाद वेतन रोक दिया जाएगा। ई आफिस के लिए जिस विभाग ने जो जरूरत बताई है, उसे वह संसाधन दिए गए। उसके बाद भी काम न करना कर्मचारियों की उदासीनता है।
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- ललित कुमार, अपर नगर आयुक्त व ई ऑफिस के नोडल अधिकारी
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