उत्तर प्रदेश के बड़े बिल्डर एवं भाजपा के पूर्व राज्य सभा सांसद संजय सेठ को अवैध निर्माण के मसले पर एलडीए ने बृहस्पतिवार को तलब किया है। एलडीए ने हजरतगंज के जॉपलिंग रोड स्थित शालीमार इमराल्ड अपार्टमेंट के सिलसिले में संजय सेठ को नोटिस भेजा है। जोन छह के विहित प्राधिकारी राम शंकर के द्वारा इस सिलसिले में 23 अक्टूबर को नोटिस जारी किया गया था।
इस में नोटिस में प्राधिकारी के द्वारा कहा गया कि 10 हजार वर्ग फीट क्षेत्रफल पर खड़े शालीमार इमराल्ड का बेसमेंट और आठ तल का निर्माण किया गया है। जांच के दौरान एलडीए टीम को एलडीए का स्वीकृत मानचित्र, पूर्णता प्रमाण पत्र आदि को नहीं दिखाया गया। स्थल पर अनाधिकृत निर्माण किया गया है। इसलिए धारा-27 के तहत जारी नोटिस का जवाब बृहस्पतिवार को सुबह 10 बजे तलब किया गया है। साथ ही शालीमार इमराल्ड से संबंधित स्वीकृत मानचित्र एवं पूर्णता प्रमाण पत्र को साथ लाने की चेतावनी दी गई है। इस सिलसिले में वीसी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने बताया कि प्रवर्तन इकाई की टीम शालीमार इमराल्ड की जांच करने गई थी, जिसमें वैध दस्तावेज न दिखाए जाने के कारण प्राधिकारी के द्वारा नोटिस जारी किया गया है।
उधर, पूर्व राज्यसभा सांसद संजय सेठ ने विहित प्राधिकारी राम शंकर को लिखे पत्र में कहा है कि एलडीए ने 14-जॉपलिंग रोड पर शालीमार इमराल्ड में बेसमेंट के साथ आठ तल के निर्माण को अवैध बताते हुए उनको नोटिस जारी किया। जबकि यह प्रोजेक्ट उनके नाम से ही नहीं है। विहित प्राधिकारी ने पड़ताल किये बिना ही दूसरे के नाम की संपत्ति को उनके नाम से दर्शा कर छवि धूमिल करने के लिए उनके नाम से नोटिस जारी कर दिया। संजय सेठ ने अमर उजाला को बताया कि विहित प्राधिकारी की टीम ने जांच के नाम पर महज खानापूर्ति करते हुए सुरक्षा गार्ड से प्रोेजेक्ट संबंधी दस्तावेज मांग कर लचर कार्यप्रणाली पेश की। वे सीएम से मुलाकात कर इसके लिए विहित प्राधिकारी सहित जितने भी अभियंता जिम्मेदार हैं, सभी के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेंगे। अब एलडीए मानचित्र के अनुसार हुए निर्माण की जांच के लिए स्थलीय परीक्षण करेगा।