रायबरेली। मानकों के विपरीत शहर में बिना लाइसेंस के संचालित 30 होटलों, गेस्ट हाउस, पेइंग गेस्ट हाउस को मंगलवार को नोटिस दी गई। सिटी मजिस्ट्रेट ने संचालकों को सात दिन के अंदर पंजीयन कराने के आदेश दिए हैं। ऐसा न करने पर होटलों को बंद कराने की चेतावनी दी गई है। पहले से पंजीकृत 20 होटलों के लाइसेंस भी कालातीत हो गए हैं। सभी को तत्काल मानक पूरे कराकर पंजीयन के आदेश दिए गए हैं।
शहर में 50 से अधिक छोटे-बड़े होटल संचालित हैं। सराय एक्ट 1967 की धारा-3 के तहत होटल, गेस्टहाउस, सराय, प्रतिष्ठानों के पंजीकरण के आदेश दिए गए हैं। इस संबंध में प्रदेश सरकार ने कैबिनेट में प्रस्ताव भी पास किया है। आदेश के बाद भी होटलों का पंजीयन न कराने वाले संचालकों को मंगलवार को सिटी मजिस्ट्रेट ने नोटिस दी है। उन्होंने महादेव प्लाजा, नरेश रेस्टोरेंट, सुयश रेस्टोरेंट, हशी-खुशी लान, जलसा रिसॉर्ट, गोल्ड दीप, शांती इन, शांती ग्रांट, होटल मीरा, लिगेसी, अग्रिमा पैलेस, होटल तुलसी, होटल हीरा, होटल ध्यानवी, सादिक मैरिज लॉन, होटल चंद्रा, बालाजी मिडवे, होटल प्रताप राजा समेत 30 होटलों के संचालकों को नोटिस देकर सात दिन में मानकों को पूरा कराकर पंजीयन कराने के आदेश दिए गए हैं। ऐसा न करने पर होटलों को बंद कराने की प्रक्रिया शुरू कराए जाने की चेतावनी दी गई है।
सराय एक्ट में पंजीकरण के लिए चाहिए यह दस्तावेज
सराय एक्ट में पंजीकरण के लिए होटल, लाॅज व मैरिज हाउस संचालकों को अग्निशमन, पर्यावरण, बिजली, श्रम विभाग और आरडीए से अनापत्ति प्रमाणपत्र लेना होता है। इसके लिए पुलिस विभाग से प्राप्त चरित्र प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने की भी अनिवार्यता होती है। विगत दिनों कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश होटल व अन्य पूरक आवास नियंत्रण विनियम-2023 को स्वीकृति दी है। इसके अनुसार अब बिना पंजीकरण के संचालित भवनों पर शिकंजा कसा जाएगा।
रखना होगा अतिथियों का ब्योरा
शहर के होटल संचालकों को आने वाले अतिथियों को पूरा ब्योरा रखना होगा। इसके लिए शासन से जारी पोर्टल पर ब्योरा अपलोड कराना होगा। नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माना लगेगा। तीसरी बार ऐसा होने पर रजिस्ट्रेशन निरस्त कर दिया जाएगा। खासकर संदिग्ध लोगों का विशेष ध्यान रखते हुए इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को उपलब्ध करानी होगी।
सात दिन बाद होगी कार्रवाई
शहर में मानकों के विपरीत बिना पंजीयन के संचालित 30 होटल संचालकों को नोटिस देकर सात दिन में पंजीयन के आदेश दिए गए हैं। जिन होटल संचालकों के पंजीयन कालातीत हो गए हैं, उन्हें भी नोटिस देकर दोबारा पंजीयन कराने के आदेश दिए गए हैं। सात दिन बाद कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू होगी।
- प्रकाशचंद्र, सिटी मजिस्ट्रेट