रायबरेली। सिंचाई विभाग के अभियंताओं की मनमानी के चलते किसानों को सिंचाई की संकट से जूझना पड़ रहा है। धान की अंतिम सिंचाई के लिए किसानों को पानी की आवश्यकता है। लेकिन डलमऊ में लगे पंप मांग के हिसाब से नहीं चलाए जा रहे हैं। सिंचाई खंड छह के अभियंता कभी हाई, तो कभी लो वोल्टेज की समस्या बताकर पंप बंद करा देते हैं।
डलमऊ में पंप कैनाल से 80 नहरों में पानी पहुंचता है। इसकी लंबाई करीब 435 किलोमीटर है। इससे करीब एक लाख से ज्यादा किसान सिंचाई करते हैं। पिछले दिनों बारिश होने से किसानों को काफी राहत मिली। मौजूदा समय में धान की फसल में अंतिम पानी की जरूरत है।
पानी के अभाव में धान की बालियां बाहर नहीं निकल पा रही हैं। यदि जल्द फसल को पानी नहीं मिला तो वह सूख जाएगी। मौजूदा समय में 10 पंप चलाए जाने की मांग की हैं, लेकिन महज तीन तो कभी चार पंप चलाए जा रहे हैं। इस वजह से किसानों की फसलें सूख रही हैं। उधर, सिंचाई खंड दक्षिण के एक्सईएन हेमंत कुमार वर्मा ने बताया कि मौजूदा समय में 10 पंप चलाने की डिमांड है। क्षमता से पंप नहीं चलने से नहरों में पानी पहुंचाने में दिक्कत हो रही है।
कैनाल में नहीं है पर्याप्त संसाधन
मौजूदा समय में डलमऊ पंप कैनाल को भरपूर बिजली मिल रही है। मोटरों को चलाने के लिए पंप कैनाल में बिजली कंट्रोल करने के लिए कोई संसाधन नहीं है। अभियंताओं को मोटर चलाने के लिए कैपिसिटर बैंक के अलावा अन्य उपकरण लगवाने के लिए कहा गया है। इन उपकरणों के लगने से हाई और लो वोल्टेज की समस्या से राहत मिल जाएगी। लेकिन ऐसा कोई कदम उठाया नहीं गया।
- मन्नू सिंह, एक्सईएन विद्युत वितरण खंड डलमऊ
धरने पर बैठेंगे किसान
क्षमता से पंप नहीं चलने की भाकियू नेताओं में नाराजगी है। जिला उपाध्यक्ष सुशील यादव, जिला सचिव मनोज यादव ने बताया कि मंगलवार की सुबह जब कैनाल पंप गए तो सभी पंप बंद थे। एक्सईएन से शिकायत करने पर तीन पंप चलाए गए। भाकियू नेताओं ने कहा कि यदि बुधवार तक क्षमता से पंप नहीं चले तो धरना शुरू किया जाएगा।
हाई वोल्टेज से मोटर फुंकने का डर
मौजूदा समय में कैनाल पंप में हाई वोल्टेज आ रहा है। इस वजह से मोटरों को चलाने पर जलने का खतरा बना रहता है। क्षमता से पंप चलाने का प्रयास किया जा रहा है। वोल्टेज कम करने के लिए पावर कॉर्पोरेशन के अभियंताओं को कहा गया है।
-विनोद कुमार, एक्सईएन सिंचाई खंड छह