प्रदेश के विभिन्न शहरों में बढ़ती अवैध कॉलोनियों पर रोक लगाने के लिए सरकार ने बिल्डरों के खिलाफ शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। अवैध कॉलोनियों को वैध कराने के लिए योजना लागू करने के बाद भी कई बिल्डरों ने इन कॉलोनियों को नियमित नहीं कराया है। ऐसे मामलों में विकास प्राधिकरणों ने कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पहले चरण में इन्हें नोटिस दिया गया है। दूसरे चरण में संबंधित बिल्डरों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी है।
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आवास विभाग के निर्देश पर अब तक 2675 अवैध कॉलोनियों के खिलाफ संबंधित बिल्डरों को नोटिस दिया गया है। प्रदेश में 3074 कॉलोनियों को अवैध के तौर पर चिह्नित किया गया है। दरअसल, सरकार के तमाम सख्त कानून लागू करने के बाद भी प्रमुख शहरों में अवैध कॉलोनियों की संख्या बढ़ती जा रही है। इन्हें बसाने वाले बिल्डर प्लाट या फ्लैट बेचकर पल्ला झाड़ लेते हैं। इन अवैध कॉलोनियों में बिल्डर बुनियादी सुविधाओं का विकास भी नहीं करते हैं।
जबकि सरकार के मानक के मुताबिक कॉलोनियों में लोगों को मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराना अनिवार्य है। पिछले साल सरकार ने अवैध कॉलोनियों को वैध कराने के लिए एक स्कीम भी शुरू की थी। इसमें बिल्डरों से विकास शुल्क लेकर अवैध कॉलोनियों को वैध करने की व्यवस्था की गई थी। फिर भी कई बिल्डरों ने इसका लाभ नहीं लिया। इसे देखते हुए विभाग ने तय किया है कि बिल्डरों से विकास शुल्क वसूल कर इन कॉलोनियों में मूलभूत सुविधाएं मुुहैया कराई जाएगी।
अब तक अवैध कॉलोनियों को वैध कराने के लिए 210 बिल्डरों ने आवेदन किए हैं। इनमें कानपुर के 30, बरेली के 41, मुजफ्फर नगर के 4, मेरठ के 11 और बुलंदशहर के 2 बिल्डर शामिल हैं। इनके आवेदन के आधार पर संबंधित विकास प्राधिकरणों के स्तर पर इन कॉलोनियों को वैध करने की प्रक्रिया शुरू भी कर दी गई है।
इन शहरों में इतनी अवैध कॉलोनियां
लखनऊ में 194, अयोध्या में 17, उन्नाव-30, आगरा-224, अलीगढ़-167, बागपत-92,बरेली-187, बुलंदशहर-33, फिरोजाबाद-60, गाजियाबाद-321, गोरखपुर-25, हापुड़-79, झांसी-34, कानपुर-197, मथुरा-220, मेरठ-308, मुरादाबाद-189, मुजफ्फरनगर में 37 और सहारनपुर में 166 कॉलोनियां अवैध हैं।
इन शहरों के बिल्डरों को नोटिस
लखनऊ में अवैध कॉलोनी बसाने वाले 36 बिल्डरों को नोटिस दिया गया है। इसी तरह उन्नाव के 5 आगरा के 40, अलीगढ़ के 160, अयोध्या के 17, बरेली के 168, बुलंदशहर के 33, फिरोजाबाद के 60, गोरखपुर के 25, हापुड़ के 79, कानपुर के 197, मथुरा के 220, मेरठ के 308, मुरादाबाद के 189, मुजफ्फरनगर के 37 व सहारनपुर के 166 बिल्डरों को नोटिस दिया गया है।