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Lucknow News: कमाई का भरोसा नहीं, क्या घर बेचकर जमा करें वनटाइम टैक्स

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परिवहन मेले में पहुंचे लोग।
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लखनऊ। मां बीमार है, कमाई का कोई ठिकाना नहीं और चुनौतियों से रोज जूझना पड़ रहा है। ऐसे में क्या परिवहन विभाग का टैक्स भरने के लिए घर बेच दें। विभाग को ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए, जिससे राहत मिले। हमें त्रैमासिक और वनटाइम टैक्स, दोनों का विकल्प मिलना चाहिए।
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यह पीड़ा शुक्रवार को ट्रांसपोर्टनगर आरटीओ में आयोजित दो दिवसीय परिवहन मेले के पहले दिन फैजुल्लागंज से आए हिमांशु गुप्ता ने बयां की। हिमांशु ने बताया कि उन पर 66,896 रुपये का टैक्स और 6,000 रुपये की पेनाल्टी बकाया है। एकमुश्त जमा करने पर मात्र 4,000 रुपये की छूट मिल रही है, लेकिन इतनी बड़ी रकम एक साथ जुटाना उनके लिए नामुमकिन है।

परिवहन मेले का मुख्य उद्देश्य वाहन स्वामियों को वनटाइम टैक्स (एकमुश्त कर) का लाभ बताना था। अधिकारियों के मुताबिक, 7500 किलोग्राम से कम वजन वाले व्यावसायिक वाहनों के लिए अब एकमुश्त टैक्स की व्यवस्था की गई है, जिस पर 8 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। इससे विभाग को अग्रिम राजस्व मिलेगा और मालिकों को बार-बार आरटीओ के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
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मेले में पहुंचे वाहन स्वामियों में से अधिकतर इस नई व्यवस्था से नाखुश दिखे। उनका तर्क सीधा था कि एकमुश्त टैक्स तभी भरा जा सकता है, जब वाहन से पर्याप्त कमाई हो रही हो। वाहन स्वामियों ने मांग उठाई है कि त्रैमासिक टैक्स जमा करने का पुराना विकल्प बहाल रखा जाए और टैक्स जमा करने के लिए कम से कम जून तक का समय दिया जाए।


कमाई हुई नहीं, सात लाख टैक्स पहले कहां से भरें

परिवहन मेले में अपनी गाड़ियों की सूची लेकर पहुंचे वेद प्रकाश पांडेय ने अपनी बेबसी जाहिर की। बताया कि उनकी आठ गाड़ियां हैं और हर गाड़ी पर करीब 80 हजार रुपये का वनटाइम टैक्स मांगा जा रहा है। कुल रकम सात लाख रुपये के करीब बैठती है। विभाग 8% डिस्काउंट का लालच दे रहा है, लेकिन उस छूट के लिए पहले सात लाख का इंतजाम कहां से करें? अभी कमाई हुई नहीं और विभाग पहले ही टैक्स मांग रहा है।

प्राइवेट से कॉमर्शियल हुई गाड़ी, अब समायोजन की आस

एलडीए कॉलोनी के सुधीर कुमार राय ने बताया कि उन्होंने हाल ही में अपने वाहन को प्राइवेट से कॉमर्शियल श्रेणी में बदलवाया है। वह 15 साल का टैक्स पहले ही जमा कर चुके हैं। अब वह इस पुराने टैक्स को नई व्यवस्था में समायोजित करवाने के लिए भटक रहे हैं। उन्होंने इसके लिए लिखित प्रार्थना पत्र दिया है, जिस पर अधिकारियों ने दो से चार दिन में समाधान का आश्वासन दिया है।

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पहले दिन 75 लाख का राजस्व

ट्रांसपोर्टनगर आरटीओ में शुक्रवार को लगा यह मेला दो पालियों (सुबह 8 से 1 और दोपहर 2 से 5 बजे) में चला। आरटीओ प्रशासन प्रदीप कुमार सिंह के मुताबिक, पहले दिन 113 वाहन स्वामी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। इनमें से 73 वाहन स्वामियों ने कुल 75 लाख रुपये का टैक्स जमा किया।

परिवहन मेले में पहुंचे लोग।

परिवहन मेले में पहुंचे लोग।

परिवहन मेले में पहुंचे लोग।

परिवहन मेले में पहुंचे लोग।

परिवहन मेले में पहुंचे लोग।

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