मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक स्वर्गीय ओमप्रकाश के व्यक्तित्व और कृतित्व की चर्चा कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। कहा, गोरक्षा को लेकर आज आई जागरूकता के पीछे उनकी कड़ी तपस्या है। उन्होंने सिर्फ आरएसएस के विस्तार में योगदान नहीं दिया, बल्कि आस्था के साथ गाय का आर्थिक पक्ष भी लोगों को समझाया। गोपालन और इनकी रक्षा के लिए समाज को प्रेरित भी किया। मुख्यमंत्री गुरुवार को निरालानगर स्थित सरस्वती कुंज में संघ के क्षेत्र प्रचारक रहे ओमप्रकाश की स्मृति में हुई श्रद्धांजलि सभा में बोल रहे थे।
योगी ने कहा कि ओमप्रकाश ने विभिन्न कार्यों के लिए प्रकल्पों का गठन कर स्वयंसेवकों को सक्रिय रचनात्मक कार्यों से जोड़ा। इससे संघ का आधार भी मजबूत हुआ और स्वयंसेवकों की सामाजिक सरोकारों में भूमिका बढ़ी। उन्होंने 20 वर्ष पहले ही तत्कालीन भाजपा सरकार को सीमा से सुरक्षा की योजना बनाने की सलाह देकर अपनी दूरदर्शिता का परिचय दे दिया था।
वे कहते थे कि स्वयंसेवक को इतने काम सौंप दो कि वह किसी न किसी से जुड़कर समाज के कामों से जुड़ जाए। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि उन्होंने सुदूर पर्वतीय क्षेत्रों में भी संघ को खड़ा किया। वे खुद उन्हीं की प्रेरणा से राजनीति में आए। प्रचारक जीवन से वापसी के बाद उन्होंने सलाह दी कि राजनीति के क्षेत्र में काम करो, लेकिन बुद्धि और विवेक से काम करना।