लखनऊ। निजी कंपनी के कलेक्शन एजेंट निकुल सिंह से 25 नहीं 75 लाख रुपये लूटे गए थे। इसका खुलासा उस वक्त हुआ जब विभूतिखंड पुलिस व क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने वारदात में शामिल पांच लुटेरों को गिरफ्तार किया। इनसे लूट के 45 लाख रुपये और घटना में इस्तेमाल एसयूवी बरामद हुई है। तीन आरोपी भागे हुए हैं। पुलिस इनकी तलाश में है।
इंस्पेक्टर विभूतिखंड अमर सिंह ने बताया कि गुजरात के परपाटन निवासी निकुल अभी विभूतिखंड-5 में रहते हैं। वह रिवर व्यू आर्केड शॉपिंग मॉल स्थित मरकुलिक्स बिजनेस सॉल्यूशन कंपनी में कलेक्शन एजेंट हैं।
चार अप्रैल की शाम छह बजे वह विश्वरूपा इंफ्राटेक कंपनी के रुपये लेने होटल सेवी ग्रैंड गए थे। वहां से वह रुपयों से भरा बैग लेकर स्कूटी से निकले। कुछ दूरी पर एसयूवी सवार बदमाशों ने स्कूटी में पीछे से टक्कर मारकर उन्हें गिराया और बैग लूट ले गए। निकुल की तहरीर पर विभूतिखंड थाने में लूट की एफआईआर दर्ज की गई। निकुल ने बताया था कि बैग में 25 लाख रुपये थे।
सीसीटीवी कैमरों, सर्विलांस से दबोचा : सीसीटीवी कैमरों की छानबीन में पुलिस को एसयूवी सवार बदमाशों की फुटेज मिली। फुटेज और सर्विलांस की मदद से बृहस्पतिवार देर रात पुलिस ने सुशांत गोल्फ सिटी निवासी अतुल कुमार, कैंट के विशाल सिंह, इंदिरानगर के राहुल यादव, आकाश यादव और विभूतिखंड के अमित कुमार को कठौता झील के पास से गिरफ्तार किया। इनसे 45 लाख रुपये बरामद हुए। रकम 500-500 के नोट की गड्डियों में थे। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि बैग में 75 लाख रुपये थे। वारदात में शामिल सलमान, सुमित और राजकुमार भागे हुए हैं।
इस तरह बनाई लूट की योजना इंस्पेक्टर अमर सिंह ने बताया कि राहुल यादव विश्वरूपा इंफ्राटेक कंपनी में चालक है। कंपनी अयोध्या से मिल्कीपुर के कारोबारी के 75 लाख रुपये लेकर आई थी, जिसे मरकुलिक्स बिजनेस सॉल्यूशन कंपनी को देना था। राहुल ही मिल्कीपुर से रुपये लेकर आया था। वह अलग-अलग जनपदों से रुपये लेकर आता था। मन में लालच आने पर उसने चचेरे भाई आकाश यादव के साथ मिलकर लूट की योजना बनाई। आकाश ने इस बारे में प्रॉपर्टी डीलर सलमान को बताया। उसने अपने साथी राजकुमार, सुमित और विशाल को तैयार किया। निकुल जैसे ही रुपये लेने होटल पहुंचे राहुल ने इसकी सूचना राजकुमार, सुमित और विशाल को दे दी। इसके बाद आरोपियों ने वारदात को अंजाम दिया।