फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उत्तर रेलवेः इंजीनियरिंग विभाग में प्रमोशन की परीक्षा निरस्त, जारी किए आदेश, ये था पूरा मामला

Wed, 20 Nov 2019 03:18 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
विज्ञापन
उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के इंजीनियरिंग विभाग में जेई-पीवे पद पर प्रमोशन की परीक्षा को आखिरकार निरस्त कर दिया गया है। परीक्षा में धांधली व मनमाने ढंग से सेलेक्शन का मामला सामने आया था, जिसके बाद जांच हुई और सोमवार को परीक्षा रद्द करने के आदेश जारी कर दिए गए।
विज्ञापन


‘अमर उजाला’ ने इस मामले में आठ अक्तूबर के अंक में ‘चयन सूची में सुबह था नाम, शाम को गायब’ शीर्षक खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी। इसके बाद उत्तर रेलवे प्रशासन ने प्रकरण को गंभीरता से लिया। मंडल रेल प्रबंधक संजय त्रिपाठी ने जांच के लिए टीम गठित की। पड़ताल में धांधली की बात सामने आई और फिर परीक्षा को निरस्त कर दिया गया।

चार अक्टूबर को जारी हुआ था रिजल्ट

जेई-पीवे के 12 पदों पर प्रमोशन के लिए कीमैन, गेटमैन, ट्रैकमैन आदि के लिए 23 फरवरी को लिखित परीक्षा हुई थी। इसमें करीब दो सौ रेलकर्मी शामिल हुए थे। परीक्षा का परिणाम चार अक्तूबर को जारी हुआ और चयनित रेलकर्मियों की जो सूची जारी की गई थी, उसमें शाम तक फेरबदल कर दिया गया।

सूची में 11वें नंबर के रेलकर्मी रंजन कुमार सिंह (गेटमैन, ऊंचाहार) की जगह रंजन सिंह (कीमैन, लखनऊ) कर दिया गया। इसे लेकर रेलवे एसोसिएशनों ने भी नाराजगी जताई थी। परीक्षा निरस्त होने के आदेश 18 नवंबर को जारी किए गए हैं।
विज्ञापन

दो साल से चल रहा बवाल

इस परीक्षा को लेकर बवाल नया नहीं है। 2017 से इसमें धांधलियों के मामले सामने आ रहे हैं। 2017 में लिखित परीक्षा का नोटिफिकेशन आया। हालांकि, परीक्षा से एक दिन पहले धांधलियों के चलते इन्क्वायरी शुरू हो गई, जो डेढ़ साल तक चली। इसके बाद फरवरी, 19 में लिखित परीक्षा करवाई गई, जिसका परिणाम निकालने में अधिकारियों ने आठ माह लगा दिए, जो जांच का विषय है।

आखिर कब होगी कार्रवाई
जेई-पीवे की परीक्षा मामले में कार्मिक विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार के उजागर होने की संभावनाएं थीं। पर, अभी तक ऐसा नहीं हुआ है। दरअसल, परीक्षा निरस्त कर दी गई है। हालांकि, धांधली व मनमाने ढंग से रेलकर्मी का नाम जोड़ने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई करने से बचा गया है। ऐसे में रेलवे एसोसिएशन इस प्रकरण को बोर्ड तक ले जाने की तैयारी कर रही हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें