फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Noida Twin Towers : महज 12 सेकेंड में जमींदोज हो जाएंगे सुपरटेक के ट्विन टावर, सीएम योगी ने दिया यह आदेश

Sat, 27 Aug 2022 01:04 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

Noida Twin Towers :मुख्यमंत्री योगी ने ध्वस्तीकरण की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि टावर ध्वस्त करने की पूरी प्रक्रिया में आसपास रहने वालों की सुरक्षा का पूरा ख्याल रखा जाए। इसके तत्काल बाद अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त अरविंद कुमार ने विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए।
विज्ञापन
twin tower - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोएडा में सुपरटेक के ट्विन टावर्स को ध्वस्त किए जाने की प्रक्रिया में सुरक्षा मानकों का सख्ती से अनुपालन करने के निर्देश दिए हैं। ध्वस्तीकरण की तैयारियों की समीक्षा करते हुए उन्होंने  कहा कि टावर ध्वस्त करने की पूरी प्रक्रिया में आसपास रहने वालों की सुरक्षा का पूरा ख्याल रखा जाए। इसके तत्काल बाद अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त अरविंद कुमार ने विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए। यह ध्वस्तीकरण 28 अगस्त को दोपहर 2:30 बजे महज 12 सेंकेंड में होगा।

विज्ञापन


अरविंद कुमार ने बताया कि 28 अगस्त को तय ट्विन टॉवर ध्वस्तीकरण की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। एमराल्ड कोर्ट के 660 भवन और एटीएस विलेज के 762 भवन 28 अगस्त को सुबह ही खाली करा लिए जाएंगे। ट्विन टॉवर के चारों ओर की सड़कों पर आवागमन प्रतिबंधित रहेगा। नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे भी आधा घंटे बंद रहेगा। करीब 80,000 टन मलबा पैदा होगा। इस मलबे को अगले तीन माह में निस्तारित कर दिया जाएगा। टॉवर के पास स्थित गेल गैस पाइपलाइन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है, एमरॉल्ड कोर्ट और एटीएस विलेज सोसाइटी के वाहनों के लिए वैकल्पिक पार्किंग व्यवस्था होगी।

टावरों के 9600 होल में विस्फोटक सामग्री
आईआईडीसी ने बताया कि ट्विन टॉवर को ध्वस्त किए जाने के लिए सीएसआईआर-सीबीआरआई के सहयोग से मुंबई की मेसर्स एडिफाइस इंजीनियरिंग एजेंसी का चयन किया गया है। एजेंसी ने पूर्व में कोचीन में ऐसी ही एक इमारत के सफलतापूर्वक ध्वस्तीकरण की कार्यवाही की है। इसे गिराने के लिए वॉटर फॉल इम्प्लोजन तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा, जोकि डिजाइन के अनुसार मनचाही दिशा में भवन को गिराने के लिए काफी उपयोगी मानी जाती है।
विज्ञापन


विगत10 अप्रैल को एक टेस्ट ब्लास्ट भी किया गया था, जिसके नतीजों के आधार पर सीबीआरआई ने संशोधित ब्लास्ट डिजाइन तैयार की है। टॉवर को ध्वस्त करने के लिए करीब 3700 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री को स्टोर किया गया है। दोनों टॉवर में 9600 होल किए गए हैं, जहां विस्फोटक को रखा जा चुका है और अब इन्हें चार्ज किया जा रहा है। 28 अगस्त को दोपहर में ठीक 2:30 बजे एक बटन दबाने के महज 12 सेकेंड के भीतर 30 मंजिला टॉवर संख्या 16 और 31 मंजिला टॉवर संख्या 17 जमींदोज हो जाएगी।

मलबे के निस्तारण के लिए भी कार्ययोजना
मलबे के निस्तारण के लिए  सीएंडडी वेस्ट मैनेजमेंट प्लान तैयार किया है। कुल पैदा होने वाले अनुमानित 80,000 टन मलबे से स्टील व क्रंक्रीट को अलग किया जाएगा। करीब 50,000 टन मलबा ट्विन टॉवर के 2 बेसमेंट में समायोजित करने की तैयारी है, जबकि शेष 30,000 टन मलबे को नोएडा में निर्मित सीएंडडी प्लांट में वैज्ञानिक तरीके से टाइल्स आदि में बदला जाएगा। यह काम अगले 3 माह में पूरा होगा।

धूल से बचाव के भी पक्के इंतजाम
ध्वस्तीकरण के बाद वायु गुणवत्ता की जांच के लिए उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 6 जगहों पर उपकरण लगाए हैं। ध्वस्तीकरण से पैदा होने वाली धूल से एमरॉल्ड टॉवर और एटीएस विलेज को बचाने के लिए 12 मीटर ऊंची जियो फाइबर क्लॉथ का उपयोग होगा। धूल को साफ  करने के लिए वॉटर टैंकर, स्प्रिंकलर और स्मॉग गन का उपयोग भी किया जाएगा। लगभग 2 किलोमीटर के दायरे में आने वाली सड़क के लिए स्वीपिंग मशीन भी लगाई जाएगी। 

सुप्रीम कोर्ट ने दिया था ध्वस्तीकरण का आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने इस अवैध निर्माण को ध्वस्त करने और इसके लिए दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का फैसला सुनाया था। इसके बाद अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त की अध्यक्षता में 4 सदस्यों की समिति गठित की गई। समिति की रिपोर्ट के आधार पर प्रकरण में संलिप्त 26 अधिकारियों व कर्मचारियों, सुपरटेक लिमिटेड के निदेशक और उनके वास्तुविदों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। प्राधिकरणों में तैनात 4 अधिकारियों को निलंबित भी किया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें