मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर के विकास के लिए जमीन दे रहे किसानों की मुराद पूरी कर दी है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास पर किसानों के साथ खुले संवाद के बीच मुख्यमंत्री ने जेवर एयरपोर्ट के लिए तीसरे चरण के भूमि अधिग्रहण के एवज में देय प्रतिकर को 3100 रुपये वर्गमीटर से बढ़ाकर 4300 रुपये वर्गमीटर तक करने की घोषणा की। इसपर नियमानुसार ब्याज भी दिया जाएगा। इसके अलावा अधिग्रहण से प्रभावित हर किसान परिवार के व्यवस्थापन, रोजगार और सेवायोजन के प्रबंध किए जाएंगे। विशेष अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले वर्ष अप्रैल में प्रधानमंत्री जी के कर-कमलों से एशिया के इस सबसे बड़े नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन किया जाएगा।
शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित संवाद के बीच मुख्यमंत्री ने यमुना एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के सीईओ को मंच पर बुलाया और दो चरणों में हुए भूमि अधिग्रहण और प्रभावित किसान परिवारों के व्यवस्थापन के बारे में पूछा। सीईओ ने किसानों के सामने मुख्यमंत्री को बताया कि वर्तमान में केवल उन्हीं को प्रतिकर दिया जाना बाकी है, जिनके उत्तराधिकार, वरासत आदि से संबंधित प्रकरण लंबित है। मुख्यमंत्री ने हर किसान की समस्याओं के निस्तारण को शीर्ष प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर की वेलीडेशन फ्लाइट की सफलतापूर्वक लैंडिंग नौ दिसंबर को की जा चुकी है और अप्रैल 2025 से उड़ान शुरु हो जाएगी। यहां 40 एकड़ क्षेत्रफल में एमआरओ का भी विकास होगा। यहां दुनिया भर के विमानों का मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉलिंग होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आनेवाले दिनों में यह क्षेत्र सबसे बड़ा औद्योगिक और सर्विस सेक्टर की गतिविधियों का केंद्र बनेगा। उन्होंने कहा कि जेवर अब तक अंधेरे में डूबा हुआ था, अब वैश्विक पटल पर चमकेगा। अगले दस वर्षों में यह देश का सबसे विकसित क्षेत्र होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मात्र दो वर्षों में 1334 हेक्टयर यानी लगभग 3300 एकड़ भूमि का अधिग्रहण बिना किसी विवाद के पूरा हुआ।