स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रशासन की ओर से किए जा रहे प्रयास नाकाफी हैं। जिले में संचालित सभी आठ सीएचसी में अल्ट्रासाउंड मशीन नहीं है। जबकि इन सीएचसी में प्रतिदिन सैकड़ों मरीज आते हैं। इसमें से कई मरीजों को अल्ट्रासाउंड कराने के लिए चिकित्सकों की ओर से सलाह दी जाती है। लेकिन सीएचसी पर इसकी सुविधा उपलब्ध न होने के कारण लोगों को निजी केंद्रों से जांच करानी पड़ रही है। हालांकि, गर्भवती महिलाओं की निशुल्क जांच के लिए निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों को संबद्ध किया गया है।
महीने में चार बार मिलती है निशुल्क जांच की सुविधा
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं को सुविधा देने के लिए निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों को सीएचसी से संबद्ध किए गए हैं। जहां माह के एक, नौ, 16 व 24 तारीख को ही गर्भवती महिलाओं की निशुल्क जांच की जाती है। इसके लिए विभाग की ओर से प्रति मरीज 300 रुपये का भुगतान उन्हें किया जाता है।