नक्खास के कटरा आजम बेग में चार से छह हजार परिवारों की स्क्रीनिंग के बाद भी यह पता नहीं लगाया जा सका कि वायरस यहां कैसे पहुंचा है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के काम-काज पर भी सवाल उठ रहा है। बुधवार को टीम ने नक्खास से करीब 40 लोगों के और सैंपल लिए। इनमें ज्यादातर नर्स के परिवार से संबंध रखने वाले हैं।
वहीं, सब्जी विक्रेता में कोरोना के लक्षण चार दिन पहले ही दिख गए थे। उसने इलाके के एक होम्योपैथी डॉक्टर से संपर्क भी किया था, लेकिन उसने इलाज करने के बजाय जांच कराने की सलाह दी थी।
इसके बाद सब्जी विक्रेता ने स्वास्थ्य विभाग की टीम से संपर्क किया और जांच कराने की मांग की। इस पर उसका सैंपल लिया गया। हालांकि, सब्जी विक्रेता ने स्वास्थ्य विभाग को होम्योपैथी डॉक्टर के बारे में जानकारी नहीं दी। ऐसे में अब विभाग डॉक्टर की तलाश कर रहा है।
स्वास्थ्य विभाग ने बुधवार को सब्जी विक्रेता के परिवार के 11 लोगों सहित आसपास के 38 लोगों के सैंपल लिए गए। इनसे कहा है कि जब तक रिपोर्ट नहीं आ जाती है तब तक किसी से मिले-जुले नहीं।
इसके साथ ही करीब डेढ़ सौ लोगों की सूची बनाई, जो नियमित तौर पर उसके यहां सब्जी लेने आते थे। हालांकि अभी इनमें कोरोना के लक्षण नहीं मिले हैं।
ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने सभी लोगों से घर में क्वारंटीन रहने की अपील की। लालबाग गंधारी लेन निवासी युवक की सब्जी की दुकान उसके घर के ठीक सामने है।
इलाके का प्रमुख विक्रेता होने से उसके यहां शाम को ज्यादा भीड़ होती थी। वहीं, लालबाग के आस-पास के इलाके की बसावट काफी हद तक सदर के कसाईबाड़ा से मिलती है।
ऐसे में स्वास्थ्य विभाग को आशंका है कि यहां संक्रमण फैला तो उसे रोकना मुश्किल होगा। सीएमओ डॉक्टर नरेंद्र अग्रवाल का कहना है कि लालबाग के इलाके को लेकर टीम गंभीरता बरत रही है।