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मुख्यमंत्री ने दिलाया भरोसा, फिर भी नहीं मिला शिक्षामित्रों को वेतन

Mon, 28 Sep 2015 10:48 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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बीटीसी प्रशिक्षण पाकर सहायक अध्यापक बनने वाले शिक्षामित्रों को वेतन देने के संबंध में न्याय विभाग से राय मांगी गई है। इसके अलावा न्याय विभाग से हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुज्ञा याचिका (एसएलपी) दाखिल करने के संबंध में भी राय मांगी गई है।
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बेसिक शिक्षा विभाग न्याय विभाग से राय मिलने के बाद ही आगे कोई कदम उठाएगा। प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा डिंपल वर्मा ने इस संबंध में सोमवार को अधिकारियों के साथ बैठक की।

यूपी में दूरस्थ शिक्षा से दो वर्षीय बीटीसी प्रशिक्षण देकर दो चरणों में 1,35,826 शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक के पद पर समायोजित किया गया। हाईकोर्ट ने टीईटी के बिना शिक्षामित्रों के समायोजन को अवैध ठहराते हुए रद्द कर दिया।
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प्रदेश के अधिकतर जिलों में रोका गया वेतन

हाईकोर्ट से शिक्षामित्रों का सहायक अध्यापक पद पर समायोजन रद्द किए जाने के बाद शासन स्तर से इन्हें वेतन देने या न देने के संबंध में भले ही कोई आदेश जारी न किया गया हो, लेकिन प्रदेश के अधिकतर जिलों में बेसिक शिक्षा अधिकारियों ने इनका वेतन रोक दिया।

शिक्षामित्रों ने इसकी जानकारी बेसिक शिक्षा मंत्री रामगोविंद चौधरी को दी थी। कहा कि मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया था कि उन्हें पूर्व की तरह वेतन व अन्य सुविधाएं मिलती रहेंगी। इसके बाद भी वेतन रोक दिया गया है।

शिक्षकों को देर से मिलेगा सितंबर का वेतन

वहीं, फैजाबाद की बात करें तो जिले में दो हजार समायोजित शिक्षकों को लेकर हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब सभी साढ़े चार हजार हजार शिक्षकों के वेतन भुगतान पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। इनके बिल खंड शिक्षाधिकारियों ने अभी तक लेखाधिकारी को भेजे ही नहीं हैं, जबकि ये प्रक्रिया हर माह की 21 तारीख तक होने का नियम है।

खंड शिक्षाधिकारियों ने दो हजार समायोजित शिक्षकों का वेतन इस माह बनेगा या नहीं इसे लेकर लेखाधिकारी से निर्देश मांगा है, जिसे लेखाधिकारी ने बीएसए को भेज अनुमति मांगी है। जबकि बीएसए शासन से निर्देश का इंतजार करने की बात कर रहे हैं। इसके चलते अन्य शिक्षकों के वेतन भुगतान में भी देरी होने की आशंका है।

शिक्षामित्र पद से समायोजित हुए सहायक अध्यापकों को वेतन भुगतान को लेकर विभाग खुद असमंजस में है। बीएसए व लेखाधिकारी एक-दूसरे के ऊपर जिम्मेदारी डालकर खुद बचने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं। जिले के परिषदीय स्कूलों में तकरीबन साढ़े चार हजार शिक्षक तैनात हैं, जिनमें से शिक्षामित्र से सहायक शिक्षक पद पर समायोजित लोगों की तादात तकरीबन दो हजार है।

सरकार ने फौरी तौर पर दी थी राहत

उच्च न्यायालय ने इन्हें शिक्षक पद के लिए अयोग्य घोषित कर दिया है। इसके बाद आंदोलित शिक्षामित्रों को सरकार ने नौकरी नहीं जाने व वेतन भुगतान करने का आश्वासन देकर फौरी तौर पर शांत कर दिया है।

मगर वेतन बिल फंसने से शिक्षामित्रों के भविष्य पर अभी भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से हर माह बनाए जाने वाले वेतन बिल की प्रक्रिया में शिक्षामित्र शामिल किए जाएं या नहीं, इसको लेकर भ्रम की स्थिति कायम है।

हाल ये है कि  बीईओ और वित्त एवं लेखाधिकारी एक-दूसरे की ओर ताक रहे हैं। इसकी वजह से सितंबर माह के वेतन भुगतान की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है। ऐसे में आशंका है कि शिक्षकों को सितंबर का वेतन विलंब से मिलेगा।

हाल ये है कि खंड शिक्षा अधिकारियों ने शिक्षामित्र से सहायक शिक्षक पद पर समायोजित लोगों के विषय में बीएसए से दिशा-निर्देश मांगा है। इस विषय पर बीएसए और वित्त एवं लेखाधिकारी एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं। इसके चलते जिले में वेतन भुगतान की प्रक्रिया ब्लॉक मुख्यालयों से ही ठप पड़ी है।

ऐसे बनता है वेतन बिल

हर माह की 21 तारीख तक ब्लॉकों में स्थित खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय से बिल बनाकर बीएसए कार्यालय भेजे जाते हैं। वहां से बिल प्रिंट एक बार फिर खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय के पास मिलान के लिए भेजे जाते हैं।

इस बिल को 28 तारीख तक फिर बीएसए कार्यालय भेजा जाता है। बीएसए की ओर से वित्त एवं लेखाधिकारी को प्रेषित किया जाता है। इसके बाद फिर ट्रेजरी भेजा  जाता है। मगर शिक्षामित्रों को वेतन मिलेगा या नहीं, इस पर इस कदर भ्रम है कि वेतन बिल बनाने की प्रक्रिया ही शुरू नहीं हो पाई है।

बीएसए प्रदीप कुमार द्विवेदी ने बताया कि ये समस्या सिर्फ यहीं की नहीं है बल्कि प्रदेश के हर जिले की है। कहा कि, हमें उम्मीद है कि दो-एक दिन में ऊपर से इस बाबत कोई दिशा-निर्देश जरूर आ जाएगा।
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शिक्षामित्रों की बैठक पांच को

वहीं, अंबेडकरनगर में उत्तर प्रदेश प्राथमिक संयुक्त संघर्ष मोर्चा संघ की बैठक रविवार को मुख्यालय स्थित प्राथमिक विद्यालय अकबरपुर परिसर में हुई। अध्यक्षता कर रहे केके दुबे ने शिक्षामित्रों से एकजुट रहने की अपील की।

कहा कि संगठन शिक्षामित्रों के हितों को लेकर गंभीर है। पांच अक्तूबर को बुलाई गई बैठक में अग्रिम रणनीति तय की जाएगी।

बैठक की सफलता के लिए अकबरपुर, जलालपुर, भियांव, रामनगर, भीटी, जहांगीरगंज, बसखारी आदि ब्लॉकों में तिथिवार बैठक की जा रही है। बैठक में दीपिका त्रिपाठी, श्रवण सिंह, सविता देवी, रीना वर्मा, अरुण कुमार, राजकुमार, तनवीर, ज्ञान प्रकाश आदि मौजूद रहे।

शिक्षकों का विदाई समारोह 2 को
अंबेडकरनगर में उत्तर प्रदेश जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ की बैठक रविवार को आयोजित हुई। इसमें सेवानिवृत्त शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं पर चर्चा की गई। उन्हें सम्मानित करने का भी निर्णय लिया गया। अध्यक्ष बाबूराम यादव ने बताया कि दो अक्तूबर को सम्मान समारोह का आयोजन किया जाएगा। इसमें वर्ष 2015 में सेवानिवृत्त हुए शिक्षकों को सम्मानपूर्वक विदाई दी जाएगी। कार्यक्रम जलालपुर के मिर्जा गालिब इंटर कॉलेज में होगा।
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