लखनऊ । हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने केजीएमयू के प्रोफेसर आशीष वाखलू को राहत नहीं दी। कोर्ट ने सेवा समाप्ति समेत अलग-अलग मामलों में दाखिल उनकी सभी याचिकाएं और अवमानना याचिका खारिज कर दी। न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की एकलपीठ ने सभी मामलों की एक साथ सुनवाई कर फैसला सुनाया।
कोर्ट ने प्रो. वाखलू की मुकदमेबाजी के तरीके पर गंभीर टिप्पणी करते हुए कहा कि उन्होंने अपने खिलाफ लगाए गए मूल आरोपों और मुख्य सवालों का सामना करने के बजाय विभिन्न प्रक्रियाओं का सहारा लेकर न्यायिक प्रक्रिया को विफल करने का प्रयास किया। पीठ ने उनके आचरण को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया।
प्रो. वाखलू को विभागीय जांच के बाद 10 जून 2020 को सेवा से हटाया गया था। उनके खिलाफ वित्तीय अनियमितता, वित्तीय एवं प्रशासनिक ईमानदारी के मानकों का पालन नहीं करने और धन के गबन समेत आरोप थे। इन्हीं मामलों में उन्होंने हाईकोर्ट में याचिकाएं दाखिल की थीं।