वाणिज्य कर आयुक्त ने बकाया वसूली संबंधी अभिलेखों व पत्रावलियों की जांच के लिए विभागीय वसूली वाले 20 जिलों के डीएम को अलग से निर्देश दिए हैं। इन जिलों के डीएम को वित्त एवं लेखा, ऑडिट व राजस्व अधिकारियों की टीमें गठित कर जांच कराकर रिपोर्ट भेजने को कहा गया है।
आयुक्त कार्यालय की ओर से वसूली खंडों में बकाया के रजिस्टर आर-3, आर-27, आर-5ए व आर-5बी की समीक्षा व जो आरसी जारी नहीं हुई हैं, उन्हें जारी करवाकर वसूली कराने के समय-समय पर निर्देश दिए गए। आर-3 व आर-27 का मिलान कर जिन मामलों में आरसी के विरुद्ध बकाया खत्म हो गया है, उन वसूली प्रमाणपत्रों को मॉड्यूल से हटाने के निर्देश दिए गए। इस पर कार्रवाई न होने पर सितंबर में 5 डिप्टी कमिश्नर (कर वसूली अधिकारी) को विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई। माह के अंत में कुल वसूली योग्य बकाया व प्रारंभ में कुल बकाया में अंतर को लेकर कार्यवाही न करने पर 5 कर वसूली अधिकारियों को विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि, 21 राजस्व जिलों के नोडल अधिकारियों को कठोर चेतावनी व 20 राजस्व जिलों के नोडल अधिकारियों को सचेत किया गया। इसके बाद भी अफसर लीपापोती करते रहे।