निजी अस्पतालों को कोरोना का इलाज शुरू करने से पहले सीएमओ कार्यालय में सूचना देनी होगी। यहां से टीम अस्पताल में जाकर व्यवस्थाओं का जायजा लेगी।
आइसोलेशन वार्ड में इलाज में लगने वाले डॉक्टर व कर्मचारियों के सुरक्षा उपकरण, इलाज के बाद उन्हें क्वारंटीन करने की व्यवस्था, संक्रमण नियंत्रण की व्यवस्था आदि मुकम्मल पाए जाने पर अस्पताल को इलाज की अनुमति दी जाएगी।
किसी भी अस्पताल में गंभीर मरीज आता है और उसकी सर्जरी होनी है तो लक्षण के आधार पर उसे आइसोलेशन वार्ड में रखकर पहले उसकी जांच कराई जाएगी।
यदि रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो पूरे प्रकरण की जानकारी सीएमओ को देनी होगी। सीएमओ मरीज को कोविड-19 अस्पताल में भर्ती कराएंगे। यदि रिपोर्ट निगेटिव है तो संबंधित अस्पताल उसका इलाज कर सकते हैं।
निजी व कॉरपोरेट अस्पतालों को कोरोना के इलाज की तैयारी करने के निर्देश दिए गए थे। किसी भी अस्पताल ने इस संबंध में अपनी संस्तुति नहीं दी है। ऐसा होते ही वहां की व्यवस्था देखकर इलाज की अनुमति दे दी जाएगी। - डॉ. नरेंद्र अग्रवाल, सीएमओ