एक हजार मेगावाट क्षमता की अनपरा ‘डी’ परियोजना पर 7000 करोड़ रुपये खर्च होने के बाद भी प्रदेश को बिजली नहीं मिल पा रही है।
भारत सरकार के उपक्रम बीएचईएल द्वारा स्थापित इस परियोजना की पहली इकाई 31 मार्च को लोकार्पण के बाद से नहीं चल पा रही है। बीएचईएल इसकी तकनीकी खामियां ठीक नहीं करा पा रहा।
राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने इसको लेकर राज्य विद्युत नियामक आयोग के समक्ष जनहित प्रत्यावेदन दाखिल कर हस्तक्षेप की मांग की है।
परिषद ने इकाइयों की स्थापना में भ्रष्टाचार की आशंका जताते हुए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से बीएचईएल के खिलाफ सीबीआई जांच की संस्तुति करने का अनुरोध किया है।