लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय की ओपीडी में मरीजों को खुलेआम बाहर से दवाएं लिखी जा रही हैं। इसके बावजूद न तो डॉक्टरों को कोई नोटिस जारी किया जा रहा है और न ही कार्रवाई हो रही है। इस वजह से गरीब मरीज लूटे जा रहे हैं।
केजीएमयू में एक के बाद एक हॉस्पिटल रिवॉल्विंग फंड के 22 स्टोर खोले जा चुके हैं। मरीजों के लिए ये स्टोर सहूलियत से ज्यादा समय की बर्बादी की वजह साबित हो रहे हैं। सस्ती दवाओं के लालच में मरीज या उनके तीमारदार एचआरएफ के स्टोर पर लाइन लगाते हैं। एक घंटे बाद नंबर आने पर बताया जाता है कि ज्यादातर दवाएं स्टोर से बाहर की हैं। उनका विकल्प देने पर डॉक्टर दवाएं वापस करा देते हैं। मजबूरी में मरीजों को बाहर से ही महंगी कीमत पर दवाएं खरीदनी पड़ती हैं।
केजीएमयू प्रशासन को भी इसकी सच्चाई पता है, लेकिन अभी तक एक भी डॉक्टर को न तो नोटिस जारी किया गया और न ही कोई कार्रवाई ही हुई। इसका नतीजा है कि मरीज महंगी दवाएं लेने को मजबूर हैं।
केस 1-
माल रोड जेहटा से पहुंची सुनीता गुप्ता ने बताया कि एचआरएफ काउंटर पर परचे पर लिखीं सभी दवाओं पर टिक लगाकर दे दिया गया, जबकि दो दवाएं नहीं थीं। इन दो दवाओं के स्थान पर दो गलत दवाएं दे दी गईं। जब आज दोबारा डॉक्टर को दिखाया तो उन्होंने बताया कि दवाई गलत दी गई है। अब दवा बदलवानी पड़ी।
केस 2-
फैजुल्लागंज निवासी निशा शुक्ला मेडिसिन विभाग की ओपीडी में दिखाने आई थीं। एचआरएफ काउंटर के बाहर निशा शुक्ला ने बताया कि उन्हें एक भी दवा नहीं मिली। बोला गया कि बाहर मेडिकल स्टोर से ले लें।
केस 3- सीतापुर के लालपुर से आईं पूजा ने बताया कि वह 10 दिन से लगातार आ रही हैं, लेकिन दवाएं नही मिल पा रही हैं। अब मजबूरी में उन्हें बाहर से दवाएं लेनी होंगी।
मरीज नहीं दलालों ने उठाया फायदा
केजीएमयू के एचआरएफ स्टोर की सस्ती दवाओं का फायदा भले ही मरीजों को नहीं मिलता हो, लेकिन दलाल इसमें नहीं चूक रहे। एचआरएफ पर दवाएं 70 फीसदी तक कम कीमत पर मिल जाती हैं। पिछले साल एक ऐसा ही मामला सामने आया था, जिसमें कर्मचारियों ने एचआरएफ की दवाएं बाजार में बेच दी थीं। इस मामले में कई कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया गया था।
Iकेजीएमयू के एचआरएफ के बजाय बाहर से दवाएं लिखने के मामले में केजीएमयू प्रशासन जांच कर रहा है। यह किसकी शह पर हो रहा है, इसकी जांच कराकर दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।I
I- प्रो. सोनिया नित्यानंद, कुलपति, केजीएमयूI
दवा लेने के लिए लगी मरीजों की भीड़।
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