हादसों की वजह से पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के दिए नाम ‘अमर शहीद पथ’ को बदलने की तैयारी कर ली गई। नगर निगम सदन ने तो इसका प्रस्ताव भी पास कर दिया। पर, नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया की सेफ्टी रिपोर्ट में दावा किया गया है कि शहीद पथ पर सुरक्षा बंदोबस्तों के बाद हादसों में कमी आई है।
ऐसे में नाम बदलने की नहीं बल्कि नियमों का पालन कराने की जरूरत है।निजी कंपनी पीएनसी कानपुर अयोध्या टॉलवेज प्रा.लि. की ओर से तैयार की सेफ्टी ऑडिट रिपोर्ट में अगस्त 2013 से लेकर अगस्त 2015 तक के आंकड़े शामिल किए गए हैं।
इन आंकड़ों को तीन वर्गों भयानक, गंभीर और छोटे हादसों में बांटा गया है। आंकड़ों में बताया गया है कि मई 2014 में तीन भयानक और चार गंभीर हादसे हुए। जबकि मई 2015 में तीन गंभीर हादसे ही हुए। फरवरी 2014 में दो भयानक और आठ गंभीर हादसे हुए। इसी महीने में 2015 में कोई भयानक हादसा नहीं हुआ, वहीं गंभीर हादसा भी केवल एक ही हुआ।