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गड्ढों वाली सड़क पर ही करना होगा सफर, नहीं होगी मरम्मत

Thu, 18 Jun 2015 02:35 AM IST
महेंद्र तिवारी/अमर उजाला, लखनऊ
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प्रदेश में सड़कों की मरम्मत के लिए पैसे का संकट पैदा हो गया है। केंद्र सरकार ने सड़क मरम्मत के लिए 1000 करोड़ रुपये का विशेष अनुदान देने से हाथ खड़ा कर दिया है।
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प्रदेश सरकार ने इससे निपटने के लिए अपने बजट से 500 करोड़ रुपये और देने का फैसला किया है। इसके बावजूद 2015-16 में मंजूर 3005 करोड़ रुपये में 500 करोड़ रुपये कम हो गए हैं।

इससे पहले से कार्ययोजना में शामिल तमाम बदहाल सड़कों की मरम्मत फंस जाएगी। जिससे लोगों को अभी भी टूटी-फूटी सड़कों पर ही चलना होगा।

शासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि 2014-15 में प्रदेश को केंद्र सरकार से 795 करोड़ रुपये सड़कों की मरम्मत (अनुरक्षण) के लिए मिला था। प्रदेश सरकार ने अपने स्तर से 1600.50 करोड़ रुपये आवंटित किए थे।
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प्रदेश सरकार ने पिछले साल की उपलब्धि को देखते हुए इस बार बजट में केंद्र से विशिष्ट अनुदान के रूप में 1000 करोड़ रुपये और अपने स्तर से 2005 करोड़ रुपये का प्रावधान किया था।
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सड़कों की मरम्मत के लिए बचे सिर्फ 2005 करोड़ रुपये

इस तरह 3005 करोड़ रुपये सड़क अनुरक्षण पर खर्च करने की तैयारी थी। लेकिन केंद्र ने 14वें वित्त आयोग की संस्तुतियों का हवाला देकर अनुदान देने से इन्कार कर दिया। इससे सड़कों की मरम्मत के  लिए सिर्फ 2005 करोड़ रुपये बच रहे हैं।

सूत्रों ने बताया कि सड़कों की मरम्मत में आने वाली मुश्किलों के मद्देनजर हाल में एक उच्चस्तरीय बैठक हुई। प्रमुख सचिव लोकनिर्माण ने केंद्र से नामंजूर 1000 करोड़ रुपये राज्य सरकार के बजट से तत्काल दिलाने की मांग की।

पर, वित्त विभाग ने मौजूदा स्थितियों के मद्देनजर पिछले साल के बराबर 2395.50 करोड़ रुपये देने का तर्क रखा। इस तरह 400 करोड़ रुपये और देने पर सहमति बनी।

प्रमुख सचिव लोकनिर्माण ने इतने से काम न बनने की बात बताई तो रकम 500 करोड़ तय की गई।
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