प्रदेश में सड़कों की मरम्मत के लिए पैसे का संकट पैदा हो गया है। केंद्र सरकार ने सड़क मरम्मत के लिए 1000 करोड़ रुपये का विशेष अनुदान देने से हाथ खड़ा कर दिया है।
प्रदेश सरकार ने इससे निपटने के लिए अपने बजट से 500 करोड़ रुपये और देने का फैसला किया है। इसके बावजूद 2015-16 में मंजूर 3005 करोड़ रुपये में 500 करोड़ रुपये कम हो गए हैं।
इससे पहले से कार्ययोजना में शामिल तमाम बदहाल सड़कों की मरम्मत फंस जाएगी। जिससे लोगों को अभी भी टूटी-फूटी सड़कों पर ही चलना होगा।
शासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि 2014-15 में प्रदेश को केंद्र सरकार से 795 करोड़ रुपये सड़कों की मरम्मत (अनुरक्षण) के लिए मिला था। प्रदेश सरकार ने अपने स्तर से 1600.50 करोड़ रुपये आवंटित किए थे।
प्रदेश सरकार ने पिछले साल की उपलब्धि को देखते हुए इस बार बजट में केंद्र से विशिष्ट अनुदान के रूप में 1000 करोड़ रुपये और अपने स्तर से 2005 करोड़ रुपये का प्रावधान किया था।