लखनऊ। सीएमओ के अधीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आने वाली महिलाओं के लिए सर्वाइकल कैंसर जांच किट तक नहीं है। इससे वहां जांच संभव नहीं हो पा रही है। इसके लिए महिला को दूसरे अस्पताल दौड़ना पड़ता है या फिर स्वयं जांच किट खरीद के लानी पड़ती है।
सीएमओ के अधीन 21 सीएचसी का संचालन हो रहा है। किसी भी सीएचसी पर जांच के लिए किट तक नहीं है। ऐसे में महिला डॉक्टर मरीजों से बाहर किट खरीदवा रही है या उन्हें हायर सेंटर रेफर किया जा रहा है। सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाले प्रमुख कैंसरों में से एक है। इसकी मृत्युदर को कम करने के लिए सरकार की ओर से जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर स्क्रीनिंग की सुविधा देने के भी शासन की ओर से निर्देश हैं। इसको लेकर करीब 6 माह पूर्व सीएमओ कार्यालय में सामुदायिक स्वास्थ्य अफसर (सीएचओ) को प्रशिक्षण भी दिया गया था। इन सेंटरों पर कैंसर स्क्रीनिंग की सुविधा देने का दावा है। जांच के लिए महिलाओं को केजीएमयू या जिला महिला अस्पताल जाने की सलाह दी जा रही। सीएमओ डॉ. एनबी सिंह के मुताबिक, किट की सुविधा सीएचसी पर न होने की जानकारी नहीं है। किट की सुविधा सभी केंद्रों पर मुहैया कराई जाएगी ताकि महिलाओं को उनके नजदीकी केंद्र पर जांच की सुविधा मिल सके।
निजी केंद्रों पर हजार रुपये शुल्क
निजी केंद्रों जांच के लिए जाने पर महिलाओं को एक हजार रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। सीएचसी पर किट न होने पर महिलाओं को बाहर से करीब पांच सौ रुपए की किट खरीदनी पड़ रही है। जिसके बाद ही सीएचसी स्तर पर सैंपल कलेक्शन हो पा रहा हैै।
सीएमओ डॉ. एनबी सिंह का कहना है कि सीएचसी में सर्वाइकल कैंसर की जांच क्यों नहीं हो पा रही है। इसके लिए सीएचसी के डॉक्टर से वार्ता की जाएगी।