विधानमंडल के आगामी सत्र में वित्त वर्ष 2020-21 का पहला अनुपूरक बजट लाए जाने के संकेत नहीं हैं। वित्त विभाग की ओर से इस संबंध में कोई तैयारी शुरू नहीं की गई है। विधानमंडल का मानसून सत्र 20 अगस्त से शुरू हो रहा है।
अनुमान लगाया जा रहा था कि कुछ नए कार्यों के लिए सरकार अनुपूरक बजट ला सकती है। पर, वित्त विभाग की ओर से अब तक विभागों से अनुपूरक प्रस्ताव तक नहीं मांगे गए हैं। जबकि अनुपूरक संबंधी कार्यवाही के लिए न्यूनतम 8-10 दिन चाहिए।
जानकार बताते हैं कि सरकार की जुलाई की राजस्व आय जरूर पिछले वर्ष के आसपास पहुंच गई है। मगर, मार्च से जून तक राजस्व आय में कमी और 2020-21 में पिछले वित्त वर्ष की तुलना में राजस्व वृद्धि के निर्धारित लक्ष्य से काफी दूर है।
संसाधन में कमी की वजह से अनुपूरक की गुंजाइंश नहीं बन पा रही है। सरकार के पास आवश्यकतानुसार एक मद से दूसरे मद में पुनर्विनियोग का विकल्प खुला हुआ है। इसके अलावा आकस्मिक खर्चों के लिए आकस्मिकता निधि का आकार 600 करोड़ से बढ़ाकर 1200 करोड़ स्थायी रूप से किया जा रहा है। इसके लिए विधेयक लाया जा रहा है।