लखनऊ। महापौर और नगर आयुक्त के बीच अधिकारों को लेकर चल रहे विवाद के बीच शनिवार को महापौर सुषमा खर्कवाल दिल्ली पहुंच गईं। शहर में चर्चा है कि लखनऊ में उन्हें पर्याप्त समर्थन नहीं मिला, इसलिए वह दिल्ली दरबार में मदद मांगने गई हैं। हालांकि, महापौर ने इसे खारिज करते हुए कहा कि वह एक रिश्तेदारी में गई हैं।
नगर आयुक्त गौरव कुमार और महापौर सुषमा खर्कवाल के बीच अधिकारों को लेकर तनातनी जारी है। कार्यकारिणी बैठक में दोनों के बीच हुई बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसकी जांच चल रही है। इसी बीच शनिवार सुबह महापौर के दिल्ली रवाना होने की खबर के बाद चर्चा रही कि वह रक्षामंत्री और लखनऊ सांसद राजनाथ सिंह से मुलाकात कर पूरा मामला बताने वाली हैं। हालांकि, महापौर ने इसे अफवाह बताया। सूत्रों के अनुसार, वह किसी रिश्तेदार के बजाय एक पार्षद के साथ दिल्ली गई हैं।
नाराजगी की वजह
महापौर अफसरों के रवैये से नाराज थीं। उन्हें आपत्ति थी कि अधिकारियों ने खुद मिलने के बजाय पुनरीक्षित बजट की प्रति ईमेल से भेजी। साथ ही, नगर निगम अधिकारी बिना उनकी संस्तुति के उनके कार्यालय में तैनात कर्मियों पर कार्रवाई कर रहे हैं। हाल ही में अपर नगर आयुक्त अधिष्ठान नम्रता सिंह ने महापौर कार्यालय में तैनात बाबू सुखदेव का वेतन रोक दिया था। बताया गया कि सुखदेव ने महापौर के निजी सचिव के निर्देश पर पुनरीक्षित बजट की प्रति रिसीव करने से मना किया था।