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Lucknow News: सिलिंडर नहीं, सिर्फ धैर्य रखने का मेसेज मिल रहा

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गैस सिलिंडर के लिए भोर में कतार लगाने वाले चेन से बांध रहे हैं अपने सिलिंडर।  - फोटो : स्ंवाद
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लखनऊ। गैस सिलिंडर की करीब 20 दिन से पटरी से उतरी सप्लाई काफी प्रयास के बाद भी अभी पटरी पर नहीं आ सकी है। उपभोक्ता सिलिंडर बुक करा रहे हैं, ऑनलाइन भुगतान भी कर रहे हैं, लेकिन घर तक सिलिंडर नहीं पहुंच रहा। इसकी जगह मोबाइल पर सिर्फ ''''धैर्य रखें, जल्द आपूर्ति होगी'''' का मेसेज पहुंच रहा है। सिलिंडर की देरी से डिलीवरी के कारण लोगों की रसोई व्यवस्था बिगड़ गई है और उन्हें लकड़ी, कोयला या इलेक्ट्रिक उपकरणों का सहारा लेना पड़ रहा है। कुछ उपभोक्ता ऐसे हैं, जिनका सिलिंडर बुकिंग के दस दिन बाद भी नहीं पहुंचा। तो कुछ का 20 दिन बाद तब मिला जब वह एजेंसी पहुंच घंटों लाइन में खड़े रहे। लोगों का कहना है कि अगर सप्लाई कम है तो सही स्थिति बताई जाए।


केस –1

कल्याणपुर निवासी राजेश ने 21 मार्च को सिलिंडर बुक कराया। तीन दिन में डिलीवरी का मेसेज मिला था, लेकिन एक हफ्ते बाद भी सिलिंडर नहीं मिला। मोबाइल पर धैर्य रखें का मेसेज आया। मजबूरी में उन्हें पड़ोस से गैस लेकर व अन्य विकल्प तलाश कर खाना बनवाना पड़ा।
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केस-2

रंजीत शाह जानकीपुरम स्थित बाबा विश्वनाथ गैस एजेंसी में रात में ही सिलिंडर रख उसे जंजीर से बांध उसमें ताला लगाने को मजबूर हैं। रंजीत शाह ने बताया कि 25 मार्च से रोज आकर लाइन लगा रहे हैं, सिलिंडर न तो घर पहुंचाया जा रहा है न तो यहां आने पर मिल रहा है।

केस-3

बसंतकुंज निवासी सलमा ने बताया कि वह दस दिन से परेशान हैं। गैस नहीं मिली। एजेंसी पहुंचकर पता किया तो बताया कि केवाईसी नहीं हुई है। अब केवाईसी कराने के लिए परेशान होना पड़ रहा है।


केस-4

एसके पांडेय केकेसी कॉलेज के निकट स्थित ज्योति भारत गैस सर्विस के उपभोक्ता हैं। उन्होंने कई दिन पहले गैस बुक कराई थी। पहले धैर्य रखने का मेसेज आया। फिर 13 मार्च को मेसेज आया कि गैस उपलब्ध करा दी गई है, जबकि गैस अभी तक नहीं मिली।





बीच में दस दिन का बैकलॉग हो गया था। अब पांच-छह दिन पर आ गया है। कुछ लोग ऐसे हैं, जिन्होंने गैस बुक तो करा दी, लेकिन किन्हीं कारणों से वह ले नहीं सके। तीन रिमाइंडर के बाद उनकी बुकिंग स्वत: निरस्त भी नहीं हो रही। उनका भी पेंडिंग दिखा रहा है। अगले सप्ताह तक स्थिति पूरी तरह सामान्य हो जाएगी।

- जगदीश राज,
प्रदेश अध्यक्ष, अखिल भारतीय एलपीजी वितरक संघ
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इस्राइल-ईरान युद्ध से पहले लखनऊ समेत प्रदेश के सभी 75 जिलों में प्रतिदिन करीब आठ लाख लोग घरेलू गैस सिलिंडर बुक कराते थे। इतनी ही प्रतिदिन की आपूर्ति भी रहती थी। युद्ध के बाद इसकी संख्या बढ़ कर करीब 10 लाख तक पहुंच गई थी। जिसकी वजह से छह सात दिन तक का बैकलॉग हो गया था। अब बैकलॉक कम होकर करीब 30 लाख तक पहुंच गया है। आगे और कम होता जाएगा।
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- संजय भंडारी,
प्रदेश समन्वयक तेल,गैस कंपनी

गैस सिलिंडर के लिए भोर में कतार लगाने वाले चेन से बांध रहे हैं अपने सिलिंडर। - फोटो : स्ंवाद

गैस सिलिंडर के लिए भोर में कतार लगाने वाले चेन से बांध रहे हैं अपने सिलिंडर। - फोटो : स्ंवाद

गैस सिलिंडर के लिए भोर में कतार लगाने वाले चेन से बांध रहे हैं अपने सिलिंडर। - फोटो : स्ंवाद

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