69000 शिक्षक भर्ती के 2249 अभ्यर्थियों ने महानिदेशक कार्यालय के सामने धरना देकर अपनी आवाज उठाई। उनका कहना है कि कोर्ट के आदेश के बाद भी उन्हें नियुक्ति नहीं मिली। आगे पढ़ें पूरी खबर...
69 हजार शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने सोमवार को लखनऊ में बेसिक शिक्षा निदेशालय व महानिदेशक कार्यालय के सामने धरना देकर नियुक्ति की मांग की। अभ्यर्थियों का आरोप है कि हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 2249 अभ्यर्थियों को पात्र पाया गया, लेकिन अब तक सभी की नियुक्ति नहीं हुई।
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अभ्यर्थियों का दावा है कि मई 2026 में इनमें से केवल एक अभ्यर्थी को नियुक्ति दी गई। उनके अनुसार, छह जनवरी को हुई सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा में एक प्रश्न के उत्तर को लेकर विवाद पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 25 अगस्त 2021 को एक अंक बढ़ाने और कोर्ट की शरण में आए अभ्यर्थियों को अंतिम चयनित मेरिट के आधार पर नियुक्ति देने का आदेश दिया था।
सरकार की अपील नौ नवंबर 2022 को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी। आदेश के अनुपालन में 11 से 19 जनवरी 2023 तक प्रत्यावेदन लिए गए और दो मार्च 2023 को 2249 अभ्यर्थियों को पात्र पाया गया। अभ्यर्थियों का कहना है कि आरक्षण विवाद के चलते नियुक्तियां लंबित हैं।