लखनऊ। राजधानी के 1400 परिषदीय विद्यालयों को 31 दिसंबर तक निपुण लक्ष्य पूरा करना होगा। इसकी तैयारी अभी से शुरू हो गई है, जिसमें संकुल अध्यापकों और सभी अकादमिक रिसोर्स पर्सन (एआरपी) की जिम्मेदारी तय की गई है। शनिवार को डायट पर हुई बैठक में सभी एआरपी को नियमित विद्यालय भ्रमण के निर्देश के साथ प्रशिक्षण दिया गया। सभी एआरपी को प्रतिमाह निर्धारित स्कूलों में जाकर शिक्षकों की शिक्षण पद्धतियों, टीएलएम और बच्चों के जुड़ाव का अवलोकन करना होगा। साथ ही निपुण एप पर उपलब्ध प्रश्नपत्र से मॉक आकलन करेंगे।
डायट प्राचार्य मनोज कुमार ने बताया कि पढ़ाई में पीछे रह गए बच्चों को अतिरिक्त अभ्यास और सहयोग मिलेगा। बताया कि परिषदीय विद्यालयों में निपुण भारत मिशन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के सफल क्रियान्वयन के लिए एआरपी की भूमिका अहम है। एआरपी का मुख्य कार्य विद्यालयों का निरीक्षण या प्रशासनिक नियंत्रण करना नहीं, बल्कि शिक्षकों को अकादमिक सहयोग और मेंटरिंग प्रदान करना है। दिसंबर तक निपुण मिशन का लक्ष्य पूरा करना है। इसका प्रशिक्षण एआरपी और सकुंल प्रभारी को दिया गया है।