पीलीभीत के निलंबित बेसिक शिक्षा अधिकारी इंद्रजीत प्रजापति के साथ इलाहाबाद उच्च न्यायालय आए 9 शिक्षकों को विजयी मुद्रा में फोटो खिंचाना भारी पड़ गया। अपर मुख्य सचिव प्रभात कुमार ने बीएसए के समर्थक 9 शिक्षकों को निलंबित कर दिया है और एक लिपिक का तबादला किया गया है। शिक्षकों के बचाव में उपस्थिति रजिस्टर में छेड़छाड़ करने पर खंड शिक्षा अधिकारी लक्ष्मीनारायण का भी तबादला कर दिया गया है।
पीलीभीत के बीएसए इंद्रजीत प्रजापति को अनियमितता के मामले में गत दिनों निलंबित किया था। निलंबन आदेश के खिलाफ इंद्रजीत प्रजापति ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में स्थगन याचिका दायर की थी।
स्थगन याचिका पर सुनवाई के दिन 1 नवंबर 2018 को ईटॉरिया जूनियर हाई स्कूल के वरिष्ठ अध्यापक विपिन शुक्ला, उच्च प्राथमिक विद्यालय वैजू नगर, पूरनपुर के शिक्षक सुशील प्रजापति, प्राथमिक विद्यालय बिठौरा कलां मरौरी के प्रधानाध्यापक शमशुल हसन, जूनियर हाई स्कूल पूरनपुर के सहायक शिक्षक ब्रजेश शुक्ला, गुलडिया भूपसिंह जूनियर हाई स्कूल के सहायक अध्यापक चांद मियां, नवदिया धनेष पूरनपुर स्कूल के प्रधानाध्यापक रामाधार पांडेय, पूर्व माध्यमिक विद्यालय कसगला पूरनपुर के सहायक अध्यापक ब्रजेश अवस्थी, प्राथमिक विद्यालय न्यूरिया पूरनपुर के प्रमोद वर्मा और जूनियर हाई स्कूल खासपुर पूरनपुर के सहायक अध्यापक हरिओम पांडेय और बिलसंडा एबीएसए कार्यालय के लिपिक अजय पाल सिंह भी बीएसए के साथ उच्च न्यायालय में मौजूद रहे। जबकि उस दिन इन सभी शिक्षकों और कर्मचारी अपने स्कूल और दफ्तर में उपस्थिति दर्ज की थी।
बीएसए को उच्च न्यायालय से निलंबन पर स्थगन आदेश मिलने पर शिक्षकों और कर्मचारियों ने न्यायालय के बाहर ही विजयी मुद्रा में फोटो खींचवाई और सोशल मीडिया पर बधाई संदेश वायरल किया। मामले की शिकायत मुख्यमंत्री कार्यालय पहुंचने पर जांच शुरू हुई। जांच शुरू होते ही पूरनपुर ब्लॉक के एबीएसए लक्ष्मीनारायण ने शिक्षकों और कर्मचारियों का अवकाश प्रार्थना पत्र बैक डेट में मंजूर किया। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद अपर मुख्य सचिव प्रभात कुमार के आदेश से सभी 9 शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया है जबकि एबीएसए और लिपिक का तबादला कर दिया गया है।