लखनऊ। जानकीपुरम इलाके में डायरिया से हुई बच्ची की मौत की जांच नौ दिन बाद भी अधर में लटकी है। न तो पानी की जांच रिपोर्ट सामने आई और न ही इलाज से जुड़ी फाइल पर कोई निष्कर्ष निकला।
जानकीपुरम विस्तार में अब तक डायरिया से तीन लोगों की मौत हो चुकी है और 150 से ज्यादा लोग इसकी चपेट में आए हैं। बावजूद इसके सीएमओ डायरिया से एक भी मौत मानने को तैयार नहीं हैं। डेथ ऑडिट में गड़बड़ी के आरोप भी लगे हैं। हैरानी यह कि पानी की जांच रिपोर्ट में गुणवत्ता ठीक बताई गई है, ऐसे में बीमारी की असली वजह पर सवाल उठ रहे हैं।
बच्ची सरिता की मौत के बाद एडी मंडल डॉ. जीपी गुप्ता ने इलाके से पानी के नमूने जांच के लिए भेजे थे, लेकिन रिपोर्ट अभी तक लंबित है। इलाज से जुड़ी फाइल भी जांच में अटकी पड़ी है। डॉ. गुप्ता का कहना है कि पानी की रिपोर्ट सोमवार तक आने की उम्मीद है। बच्ची की मौत की जांच पूरी कर शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी। लापरवाही सामने आई तो कार्रवाई की संस्तुति होगी।