लखनऊ। काकोरी के टिकैतगंज में बृहस्पतिवार को हुए बस हादसे के बाद से लखनऊ-हरदोई हाईवे पर निर्माण कार्य ठप पड़ा है। हादसे में पांच लोगों की मौत के बाद भी एनएचएआई की लापरवाही जस की तस है। जिस जगह रोडवेज बस खाई में गिरी थी, वहां अब तक मजबूत बैरिकेडिंग नहीं की गई। सुरक्षा के नाम पर सिर्फ लाल रिबन और कुछ ट्रैफिक कोन लगाकर खानापूर्ति कर दी गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि हादसा स्थल बेहता नाला पुल के पास है, जहां शाम होते ही घना अंधेरा हो जाता है। इस खतरनाक जगह को लेकर एनएचएआई टीम ने निरीक्षण तो किया, लेकिन खाई की तरफ कोई ठोस सुरक्षा इंतजाम नहीं किया। नतीजा यह है कि कभी भी दूसरा बड़ा हादसा हो सकता है।
खड़ा ट्रैक्टर और बिखरा सामान बना खतरा
हादसे के तीसरे दिन भी निर्माणाधीन सड़क के बीच ट्रैक्टर जस का तस खड़ा है। डिवाइडर के पास पड़ी निर्माण सामग्री भी नहीं हटाई गई। एनएचएआई की यह बदइंतजामी दोबारा राहगीरों की जान ले सकती है।
इस तरह की गई है बैरिकेडिंग।
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