बीते साल की शुरुआत में हुई भर्ती परीक्षा के बाद राज्य सरकार ने इसमें अर्हता अंक समान्य वर्ग के लिये 65 और आरक्षित वर्ग के लिए 60 फीसदी तय किये थे, जिसके खिलाफ एकल पीठ में कई याचिकाएं दायर हुयी और उक्त निर्देश दिये गये थे। इस भर्ती मामले में अभ्यर्थी राजधानी में धरना-प्रदर्शन भी कर चुके हैं।