आम आदमी के बीच की एक खास मैडम के ग्रह नक्षत्र कुछ खराब चल रहे हैं।
पैदा होते ही दिल्ली में सत्ता में आई और फिर सत्ता छोड़कर भाग खड़ी हुई पार्टी ने लखनऊ तथा आसपास के जिलों की जिम्मेदारी एक मैडम को सौंप दी।
रुतबा बढ़ा तो आसपास ऐसे ‘आम आदमियों’ का जमावड़ा होने लगा जो देश की सबसे बड़ी पंचायत में जाना चाहते हैं। टिकट चाहने वाले ‘आम आदमियों’ के इंटरव्यू में भी वह खासी सक्रिय रहीं।
इसी बीच एक ‘आम आदमी’ को टिकट दिलाने का आश्वासन दे दिया। टिकट पक्का मानकर ‘आम आदमी’ ने उनकी सेवा करनी शुरू कर दी। मैडम को हवाई यात्रा भी करा दी।
टिकट का ऐलान हुआ तो मैडम की सेवा करने वाले ‘आम आदमी’ की जगह किसी और का नाम था।
‘आम आदमी’ को भी गुस्सा आ गया और उसने मैडम की पोल खोलकर रख दी। पहले तो पार्टी मैडम को बचाती रही लेकिन चौतरफा हमला होने के बाद मैडम को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया।