प्रशांत के सामने अगले छह महीने चुनौतियों से भरे रहेंगे। इस दौरान उनके सामने पंचायत चुनाव के साथ विभिन्न त्योहारों की चुनौती रहेगी। लॉकडाउन के चलते बेरोजगारी बढ़ने से अपराध बढ़ने की आशंका भी है।
दूसरे राज्यों से लौटे प्रवासी मजदूरों से संबंधित विवाद अचानक बढ़े हैं। इसके लिए एक दिन पहले ही डीजीपी ने आगाह भी किया है। यह भी कानून-व्यवस्था कायम रखने में प्रशांत के सामने बड़ी चुनौती पेश करेंगे।