आम बजट में लखनऊ को पहले चरण में दो विस्टाडोम कोच मिले हैं। रेलयात्रियों को प्रकृति के दुर्लभ नजारों से रूबरू कराने वाले ये कोच मुंबई की परेल वर्कशॉप में तैयार हो रहे हैं और मार्च तक तैयार हो जाएंगे। इन्हें उत्तर व पूर्वोत्तर रेलवे अप्रैल से पर्यटन विभाग के साथ मिलकर इस्तेमाल कर सकते हैं।
पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल की डीआरएम डॉ. मोनिका अग्निहोत्री ने बताया कि विस्टाडोम कोच में पारदर्शी शीशे की छत और बड़ी कांच की खिड़की होती है। इनसे बाहर के खूबसूरत नजारे दिखाई देते हैं। विस्टाडोम कोच में पर्यटक दुधवा के जंगल के बीच सैर करते हुए प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद उठाएंगे। पूर्वोत्तर रेलवे के मैलानी-नानपारा मीटरगेज (छोटी लाइन) सेक्शन पर पहली बार पर्यटन विभाग के साथ मिलकर इसका इस्तेमाल होगा। विस्टाडोम कोच में 40 पर्यटक चेयरकार बोगी में सफर करेंगे।
डीआरएम ने यह भी बताया कि डालीगंज से मल्हौर के बीच दोहरीकरण का काम चल रहा है। इसके लिए पिंक बुक में 60 करोड़ रुपये मिले हैं। वहीं, ऐशबाग से सीतापुर होते हुए पीलीभीत रेलखंड के आमान परिवर्तन के साथ विद्युतीकरण हो रहा है। इसमें लखीमपुर-मैलानी रेलखंड के विद्युतीकरण में वन विभाग की एनओसी मिलने पर जून तक काम पूरा हो जाएगा। वहीं, यात्री ट्रेनों की मेंटेनेंस के लिए नया कोचिंग कॉम्पलेक्स बनेगा।
208 करोड़ उत्तर रेलवे को मिले
पिंक बुक जारी होने के बाद उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल में चारबाग, आलमनगर सहित अन्य स्टेशनों के विकास को कुल 208 करोड़ रुपये मिले हैं। इसमें आलमनगर से उतरेटिया के बीच दोहरीकरण के लिए 45 करोड़ रुपये मिले हैं। बाराबंकी से मल्हौर के बीच तीसरी व चौथी लाइन के लिए 85 करोड़, लखनऊ यार्ड रिमॉडलिंग के लिए 30 करोड़, मानकनगर में अतिरिक्त लूपलाइन के लिए 10 करोड़, लखनऊ से कानपुर रेलखंड पर तीन स्टेशनों की लूप लाइनों के लिए 13.50 करोड़, चारबाग स्टेशन पर रूट रिले इंटरलॉकिंग को 10 करोड़ और आलमनगर स्टेशन के लिए 15 करोड़ रुपये मिले हैं।
गोमतीनगर के लिए 40, ब्रॉडगेज के लिए सौ करोड़
डीआरएम ने बताया कि गोमतीनगर स्टेशन के लिए 40 करोड़ रुपये दिए गए हैं। इससे स्टेशन की यार्ड रिमॉडलिंग और यात्री सुविधाएं बढ़ेंगी। ऐशबाग-पीलीभीत आमान परिवर्तन के लिए 100 करोड़ मिले हैं। बताया कि लखनऊ मंडल ने पिछले वित्तीय वर्ष में 39 डीजल रेल इंजन समेत 16000 टन स्क्रैप बेचा है, जिससे 58.92 करोड़ रुपये राजस्व मिला है, जो देश में सर्वाधिक है। वहीं, मंडल ने खर्चों में 350 करोड़ रुपये की कमी की है।
97 प्रतिशत हुई ट्रेनों की पंक्चुएलिटी
कोहरे के बावजूद ट्रेनों की पंक्चुएलिटी 97 प्रतिशत हो गई है। वहीं, ट्रेनों से जानवरों के कटने (रनओवर) के मामले बढ़ रहे हैं। इसके अलावा हौज पाइप टूटने व एंगल कॉक क्षतिग्रस्त होने से ट्रेेनें खड़ी हो जाती हैं। जनवरी में जानवरों के टकराने के 67 मामले सामने आए हैं। वहीं, गाड़ियों की गति बढ़ाई जा रही है। मालगाडिय़ों की औसत गति पहले 24.82 किमी थी जो अब 45.05 किमी पहुंच गई है।
विस्टाडोम कोच