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अमिताभ ठाकुर मामले में केंद्र व यूपी सरकार को नोटिस

Fri, 31 Jul 2015 12:19 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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यूपी के चर्चित आईपीएस अमिताभ ठाकुर एक बार फिर से चर्चाओं में हैं। निलंबित आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर के मामले में केंद्रीय न्यायिक अधिकरण (कैट) ने केंद्र व उप्र सरकार को नोटिस जारी करते हुए तीन सप्ताह में विस्तृत प्रतिशपथ पत्र (काउंटर एफीडेविट) दायर करने के आदेश दिए हैं।
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साथ ही जांच अधिकारी वीके गुप्ता को भी नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने को कहा है। अगली सुनवाई दो सितंबर को होगी। उल्लेखनीय है, खुद के खिलाफ डीजी पुलिस भर्ती बोर्ड वीके गुप्ता को जांच अधिकारी नामित करने पर अमिताभ ने कैट में चुनौती दी है।

न्यायिक सदस्य नवनीत कुमार की बेंच ने ठाकुर और राज्य सरकार के अधिवक्ता की बहस सुनने के बाद सोमवार को अपना फैसला सुरक्षित कर लिया था जो गुरुवार को पारित किया गया। प्रदेश सरकार ने अमिताभ ठाकुर को 13 जुलाई को निलंबित किया और अगले दिन जांच अधिकारी नियुक्त कर दिया।
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ठाकुर ने इसे चुनौती देते हुए कहा था कि अखिल भारतीय सेवा अनुशासन एवं अपील नियमावली के नियम 8(6) के अनुसार किसी आईपीएस अफसर के खिलाफ जांच अधिकारी तभी नियुक्त किया जा सकता है जब उसके द्वारा नियम 8(5) में आरोपों का जवाब दे दिया गया हो।

उनका तर्क था कि उन्हें 13 जुलाई को आरोप पत्र जारी किया गया जो उन्होंने 15 जुलाई को प्राप्त किया। लेकिन 16 जुलाई को जवाब देने से पहले ही प्रदेश सरकार ने जांच अधिकारी नियुक्त कर दिया। यह नियम के विरुद्ध है।

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ठाकुर ने लोकायुक्त से प्रताड़ना रोकने की अपील की

अमिताभ ठाकुर ने लोकायुक्त न्यायमूर्ति एनके मेहरोत्रा से उनके खिलाफ फर्जी आरोपों की शिकायतों को लेकर हो रहे उत्पीड़न से बचाव की मांग की है। इस सिलसिले में ठाकुर ने संजय शर्मा द्वारा लोकायुक्त को दी गयी शिकायत और इस संबंध में की गयी प्राथमिक जांच और उसमें प्राप्त निष्कर्षों से अवगत कराने का अनुरोध किया है।

उन्होंने लोकायुक्त से आग्रह किया है यह पूरी शिकायत कल्पनाओं पर आधारित है, जिसमें बिना किसी साक्ष्य के काले धन से प्रापर्टी खरीदे जाने, संस्था बना कर काला धन सफेद किए जाने, महिलाओं का नौकरी के नाम पर यौन शोषण करने जैसे स्व घोषित निष्कर्ष निकाल लिए गए हैं।

ठाकुर ने लोकायुक्त से कहा है कि सत्यता यह है कि उनकी पत्नी विवाह के समय से ही अपना स्वतंत्र कार्य कर रही हैं और उनके मां-पिता बोकारो स्टील प्लांट की नौकरी में थे और करीब 40 साल से आयकर दाता हैं।

ठाकुर ने लोकायुक्त से शिकायतकर्ता को आरोपों के संबंध में साक्ष्य और तथ्य देने के निर्देश देने और उनके परिवार वालों को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के प्रयासों से बचाने का अनुरोध किया है।

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