पूड़ी विक्रेता हत्याकांड में सामने आया माफिया कनेक्शन, झगड़ा करने वालों ने नहीं की थी हत्या
कैंट इलाके में पूड़ी विक्रेता दीपक वर्मा उर्फ दीपू की थाना के सामने गोली मारकर हत्या करने के सनसनीखेज मामले में माफिया कनेक्शन सामने आ रहा है।
पुलिस ने मंगलवार शाम पूड़ी विक्रेता से झगड़ा करने वाले बाइक व कार सवार तीन युवकों को पकड़ लिया।
हालांकि, पूछताछ में उनके हत्या में शामिल होने की पुष्टि नहीं हो सकी। इस बीच पुलिस को कुछ ऐसे सुराग मिले जिससे वारदात में सीरियल किलर सलीम, रुस्तम, सोहराब के गुर्गों के शामिल होने का संकेत मिल रहा है।
पुलिस ने सीरियल किलर के पांच गुर्गों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। दीपक वर्मा की हत्या को पुलिस अभी तक भठूरे खाने आए युवकों से हुआ विवाद मान रही थी।
लेकिन मंगलवार शाम संदिग्धों को दबोचने के बाद तस्वीर बदल गई। पुलिस सूत्रों का कहना है कि जिन युवकों से दीपक का झगड़ा हुआ था, फुटेज से उनकी पहचान कर ली गई थी।
संदिग्धों को पकड़कर पूछताछ की गई लेकिन हत्या से उनका कोई लेना-देना नहीं पाया गया। इस बीच दीपू के अन्य विवादों को खंगाला गया तो कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आईं।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि दीपू की हत्या के पीछे नाजायज संबंध अथवा रुपयों का विवाद है।
आशंका है कि सीरियल किलर भाइयों के गुर्गों से दीपू का रुपयों को लेकर कोई विवाद हुआ होगा जिसके चलते उसे मौत के घाट उतार दिया गया।
फिलहाल, सीरियल किलर भाइयों के पांच गुर्गों को उठाया गया है। क्राइम ब्रांच व कैंट पुलिस की टीम उनसे पूछताछ कर रही है। इंस्पेक्टर रंजना सचान का कहना है कि हत्या से जुड़ी कई जानकारियां मिली हैं। जल्द वारदात का खुलासा किया जाएगा।
कैसरबाग-अमीनाबाद सहित पुराने लखनऊ पर नजर
पुलिस सूत्रों ने बताया कि पूड़ी विक्रेता की हत्या में सीरियल किलर भाइयों के गुर्गों का नाम आने के बाद वारदात की जांच में तेजी आ गई है। बुधवार को पुलिस की कई टीमों ने सलीम, रुस्तम और सोहराब के नए इलाके ठाकुरगंज और चौक के अलावा अमीनाबाद व कैसरबाग में सुरागरसी की। सलीम के गुर्गों की सबसे ज्यादा सक्रियता ठाकुरगंज इलाके में है। यहां से कुछ सक्रिय गुर्गों को पकड़ा गया। पुलिस की एक टीम हुसैनगंज इलाके को भी खंगाल रही है।
खतरे की आशंका में घायल कर्मचारी को किया अंडरग्राउंड
इंस्पेक्टर रंजना सचान ने बताया कि गोलीबारी के दौरान दीपू के साथ स्कूटी पर बैठा उसका कर्मचारी पुष्पराज उर्फ अनिल मिश्रा पर खतरा बढ़ गया है। सुरक्षा की दृष्टि से फिलहाल उसे अंडरग्राउंड कर दिया गया है। पुष्पराज कहां है? इस बारे में पुलिस और उसके करीबी कुछ भी बताने को तैयार नहीं हैं। मूलरूप से लखीमपुर का रहने वाला पुष्पराज उर्फ अनिल मिश्रा यहां लकड़मंडी में किराये के कमरे में रहकर दीपू के पूड़ी के ठेले व टिफिन सर्विस का काम देखता था।
यह था मामला
सदर पुल के नीचे पूड़ी का ठेला लगाने वाले रामदास का हाता निवासी पूड़ी विक्रेता दीपक उर्फ दीपू को शनिवार रात कैंट थाना के सामने बाइक सवार बदमाशों ने गोली मार दी थी। दीपक का सुबह ठेले पर आए दो बदमाशों से रुपयों के लेनदेन को लेकर विवाद हुआ था। कहासुनी और गाली-गलौज के बाद दीपू ने एक बदमाश को थप्पड़ मार दिया था। दोपहर में उक्त बदमाश अपने साथियों को लेकर उसके ठेले पर आया और धमकी दी। शाम को ठेले का काम बंद करके दीपू अपने कर्मचारी पुष्पराज उर्फ अनिल मिश्रा के साथ जा रहा था तभी बाइक से आए बदमाशों ने फायरिंग कर दी। गोलीबारी में दीपू की मौत हो गई थी जबकि पुष्पराज घायल हो गया था। बदमाशों के हुसैनगंज इलाके का होने की आशंका जताते हुए पुलिस छानबीन कर रही है।