राज्य सेतु निर्माण निगम आलमनगर क्रॉसिंग पर रेलवे ओवर ब्रिज का निर्माण शनिवार को शुरू कर देगा।
इस क्रॉसिंग पर पुल बनने का यहां लोगों को लंबे समय से इंतजार था।
इस आरओबी के बनने के बाद यहां से रोजाना गुजरने वाले हजारों लोगों को राहत मिलेगी।
उनको इस क्रॉसिंग के बंद होने से लगने वाले जाम का सामना नहीं करना पड़ेगा। पुल निर्माण के दौरान बुद्धेश्वर चौराहे से लेकर राजाजीपुरम तक ट्रैफिक डाइवर्जन दिए गए हैं। दोनों ही ओर से लोग इस रास्ते पर आगे नहीं जा सकेंगे। पुल निर्माण के दौरान यहां यातायात बाधित रहेगा।
30 करोड़ की लागत से इस 600 मीटर लंबे पुल का निर्माण किया जाएगा। राजाजीपुरम से बुद्धेश्वर जाने के दौरान आलमनगर रेलवे क्रॉसिंग पड़ती है। इस क्रासिंग पर लगभग हर घंटे लंबे जाम का सामना लोग करते हैं।
लखनऊ कानपुर रेलखंड से गुजरने वाली दर्जनों ट्रेनों के चलते यहां क्रासिंग हर घंटे में लगभग 15 मिनट बंद रहती है। इसी वजह से यहां पुल बनाए जाने की लंबे समय से तैयारी चल रही थी।
पिछले दिनों लोक निर्माण मंत्री शिवपाल यादव ने इस क्रॉसिंग पर आरओबी निर्माण करने की घोषणा की थी। जिसके बाद में 7 सितंबर से यहां निर्माण का आगाज करने की भी घोषणा कर दी गई है।
राज्य सेतु निगम के एक अधिकारी ने बताया कि, हमारे तमाम साज ओ सामान शुक्रवार को ही यहां पहुंचाए जा चुके हैं। जबकि, निर्माण की शुरुआत शनिवार से कराने की तैयारी है। ट्रैफिक पुलिस की ओर से डाइवर्जन प्लानिंग भी मिल गई है।
कम से कम अगले एक साल तो इस सड़क पर यातायात बंद ही किया जाएगा। ऐसे में लोगों को तीन से पांच किलोमीटर का चक्कर काट कर पहुंचना पड़ेगा। पुल की लंबाई करीब 600 मीटर है। जिस पर आने वाला खर्च लगभग 30 करोड़ रुपए का होगा।
फिलहाल पुल निर्माण की डेडलाइन सेतु निगम ने दो साल की तय की है। मगर डालीगंज पुल जिस तरह से नौ महीने के समय में ही पूरा कर दिया गया और पुरनिया और अर्जुगंज के पुल एक साल के समय में पूरे किए जाने की उम्मीद है। ऐसे में यह पुल भी जल्द पूरा कर दिया जाएगा, इसका भरोसा भी सेतु निगम ने दिला रहा है।
यहां से जाना अब नहीं होगा संभव
मुख्य रूप से सेतु निगम की सिफारिश पर तीन रास्तों को पुल निर्माण के दौरान बंद रखा जाएगा। इससे सबसे अधिक दिक्कत राजाजीपुरम के लोगों को होगी। मगर पुल बनने के बाद इसी इलाके के लोगों को सबसे अधिक लाभ भी होगा।