बैठक में फैसला किया गया कि गोरखपुर की बंद पड़ी धुरियापार किसान सहकारी चीनी मिल्स लि. हरपुर-गजपुर की 50 एकड़ जमीन सैकेंड जनरेशन एथानाल प्लांट या फ्यूल प्लांट लगाने के लिए इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन को लीज पर दी जाएगी। इसपर करीब 800 करोड़ रुपये खर्च होंगे। प्लांट के लगने से आसपास के इलाकों में रोजगार के अवसर पैदा होंगे। लीज अवधि खत्म होने के बाद परियोजना जहां है जैसी है, उसी के आधार पर इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन द्वारा उप्र सहकारी चीनी मिल्स संघ को वापस कर दी जाएगी।
पीलीभीत की मझौला चीनी मिल भी चलेगी। कैबिनेट ने पीलीभीत की बंद पड़ी सहकारी चीनी मिल दि किसान को-आपरेटिव शुगर फैक्ट्री व मझोला डिस्टलरी एंड कैमिकल वर्क्स लि. मझोला को इंटीग्रेटेड शुगर काम्पलेक्स के रूप में विकसित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी। इस परियोजना पर करीब 400 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इससे करीब 8,500 रोजगार सृजित होंगे। साथ ही क्षेत्र के करीब 8000 गन्ना किसान लाभान्वित होंगे। प्रदेश सरकार को विभिन्न प्रकार के शुल्क व ड्रयूटी के रूप में राजस्व भी मिलेगा।