सात फरवरी से शुरू हो रही सहालग में इस बार शाद में बैंड बजवाना बड़ी चुनौती होगा। यदि आपके यहां शादी है तो आप देर न करें बैंड बाजा बजवाने के लिए प्रशासनिक अनुमति ले लें। साथ ही यह भी ध्यान रखिएगा की कहीं जरूरत से ज्यादा जोर से बैंड-बाजा या ढोल न बजे।
अन्यथा वर पक्ष के आवेदक को दोषी मानते हुए पर्यावरण अधिनियम के तहत केस दर्ज करने की कार्रवाई होगी। पुलिस सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर बारात में बैंड बाजा बजाने की अनुमति दी जाएगी।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार ऐसे आयोजनों के दौरान अधिकतम 65-55 डेसिबल तक की ध्वनि को ही दायरे में माना जाता है।
इससे अधिक आवाज होने पर ध्वनि प्रदूषण के लिए जिम्मेदार मानते हुए कार्रवाई होगी। व्यावहारिक तौर पर अगर बारात में गाने वाली ट्रॉली शामिल न करके ढोल व बैंड की आवाज ही मानक के अंदर आती है।