फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी के नए वित्तमंत्री सुरेश ने बताया, आखिर कैसे पांच साल में चार गुना बढ़ेगी यूपी की अर्थव्यवस्था

Wed, 28 Aug 2019 06:41 PM IST
Amulya Rastogi महेंद्र तिवारी/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
उत्तर प्रदेश के नवनियुक्त वित्तमंत्री सुरेश खन्ना - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

उत्तर प्रदेश के नवनियुक्त वित्तमंत्री सुरेश खन्ना ने कहा है कि हमारे पास न तो कोई कमजोरी है और न ही मजबूरी। प्रदेश में वित्तीय संसाधन बढ़ाने और वित्तीय अनुशासन कायम करने के लिए सभी संभव कदम उठाएंगे। वह कहते हैं कि किसी अन्य विभाग की अपेक्षा वित्त विभाग की जिम्मेदारी हटकर है। दूसरे विभागों में रहकर मांगना होता है और यहां देना। जरूरी नहीं जितना मांगा जाए, उतना दिया जा सके। राज्य के संसाधनों और जरूरतों में संतुलन बनाया जाएगा।

विज्ञापन


‘अमर उजाला’ से बातचीत में उन्होंने वित्त विभाग की कार्यप्रणाली से लेकर राज्य वेतन समिति की लंबित सिफारिशों पर कार्रवाई व विभाग में वर्ष भर चलने वाले तबादलों सहित तमाम सवालों के जवाब दिए। पेश है प्रमुख अंश :

सवाल: मुख्यमंत्री अगले पांच वर्ष में प्रदेश को 10 खरब डॉलर (1 ट्रिलियन डॉलर या 65 लाख करोड़ रुपये) की अर्थव्यवस्था बनाने की बात कर रहे हैं। प्रदेश की अर्थव्यवस्था (जीएसडीपी) अभी करीब 15 लाख करोड़ रुपये की है। पांच वर्ष में चार गुना से अधिक वृद्धि करेंगे कैसे?
विज्ञापन


जवाब:
अनुत्पादक खर्च रोके जाएंगे। हर स्तर पर मितव्ययिता दिखेगी। राजस्व वसूली बढ़ाने की जितनी संभावना होगी, बढ़ाई जाएगी और वसूली समय से सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री के निर्देशन में जीएसटी, आबकारी, स्टांप रजिस्ट्रेशन, परिवहन सहित राजस्व देने वाले सभी विभागों की वसूली की नियमित समीक्षा होगी। बेसिक इन्फ्रास्ट्रक्चर में वाह्य सहायता का स्वागत किया जाएगा। प्रदेश का माहौल बदलने से बड़े पैमाने पर निवेश आ रहा है। इससे कारोबार व रोजगार के अवसरों में वृद्धि हो रही है। इससे अर्थव्यवस्था को ऊंचाई मिलेगी।

'वित्तीय संसाधन बढ़ाने के लिए पूरे फोकस से करना होगा काम'

- फोटो : amar ujala
सवाल: वित्तीय संसाधन बढ़ाने पर विचार के लिए मुख्यमंत्री के निर्देश पर वित्तमंत्री की अध्यक्षता में समिति गठित की गई थी। इसमें विशेषज्ञ भी शामिल थे। इसकी केवल एक बैठक हुई। उस बैठक के क्या नतीजे आए, कुछ भी नजर नहीं आया। इस तरह संसाधन बढ़ाने के नतीजे कैसे आएंगे?

जवाब:
वित्तीय संसाधन बढ़ाने के लिए पूरे फोकस के साथ काम होगा। इस कमेटी के बारे में पता करेंगे। जहां गाड़ी पटरी से उतर रही है या पटरी पर नहीं है, दोनों ही स्थितियों को दुरुस्त करेंगे। हमारे पास न कोई कमजोरी है और न मजबूरी। मुख्यमंत्री ने जो भरोसा दिखाया है, उस पर खरा उतरेंगे। चालू वित्त वर्ष में अनुपूरक सहित बजट का आकार 4.91 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया है। इसमें लगातार वृद्धि होगी।

सवाल: सरकार बजट देती है लेकिन प्रशासकीय विभाग तमाम खर्चों का हिसाब तक नहीं देते। मई 2019 तक यह रकम बढ़कर 52,917 करोड़ पार कर गई। सीएजी वित्त विभाग को पत्र लिखता है और वित्त विभाग अन्य विभागों को, लेकिन यह राशि बढ़ती ही जा रही है। इसके लिए क्या करेंगे?

जवाब:
वित्तीय अनुशासन कायम रखना शीर्ष प्राथमिकता होगी। ये बातें अपर मुख्य सचिव वित्त को बता दी गई हैं। मैं व्यक्तिगत रूप से ऐसे मामलों की नियमित समीक्षा करूंगा। जवाबदेही भी तय की जाएगी।
विज्ञापन

'कर्मचारियों की लंबित समिति पर नहीं हो पा रहे हैं निर्णय'

- फोटो : amar ujala
सवाल: वेतन समिति ने कर्मचारियों के भत्तों व विभिन्न संवर्गों की वेतन विसंगतियों को दूर करने के लिए सुझाव दिए। विभाग निर्णय नहीं ले रहा है जिससे कर्मचारियों में आक्रोश बढ़ रहा है। मुख्य सचिव समिति का गठन भी गठित नहीं हुआ। इससे कर्मचारियों की लंबित समस्याओं पर निर्णय नहीं हो पा रहे हैं।

जवाब:
कर्मचारी सातवें वेतन का लाभ पा रहे हैं। उनके ‘लिवलीहुड’ का स्तर ठीक है। जो भी मांग या समस्या आएगी, उस पर गुण-दोष के आधार पर निर्णय लिया जाएगा। किसी भी स्तर पर भेदभाव नहीं होगा।

सवाल: वित्त विभाग में वर्ष भर तबादले चलते रहते हैं। समय-समय पर तबादलों पर सवाल उठते रहे हैं?
जवाब:
तबादले समय से हों, यह सुनिश्चित किया जाएगा।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें