नई विद्युत दरों की घोषणा
इसी तरह नियामक आयोग ने सब्सिडी को अलग रखते हुए 90,805 करोड़ रुपये का अनुमानित राजस्व निर्धारित किया है, जबकि राज्य सरकार की सब्सिडी शामिल करने पर वर्तमान टैरिफ के आधार पर सभी बिजली कंपनियों को 1,11,205 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होगा। सभी पक्षों को सुनने के बाद बुधवार को राज्य विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष अरविंद कुमार एवं सदस्य संजय कुमार सिंह ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नई विद्युत दरों की घोषणा की।
टैरिफ आदेश में साफ किया कि बिजली दरें यथावत रहेंगी। आयोग से इस निर्देश से करीब 3.80 करोड़ उपभोक्ताओं को सीधे फायदा मिला है। साथ ही उत्तर प्रदेश का नया रिकॉर्ड भी बन गया है। उत्तर प्रदेश पहला राज्य है, जहां सात वर्ष से बिजली दरें नहीं बढ़ी हैं।
बैटरी स्वैपिंग एवं चार्जिंग स्टेशनों को 20 प्रतिशत की रियासत
विद्युत नियामक आयोग ने ई-वाहनों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बैटरी स्वैपिंग स्टेशनों तथा बैटरी चार्जिंग एवं सर्विस चार्जिंग स्टेशनों के लिए सिंगल पार्ट टैरिफ लागू किया है। साथ ही सुबह 9:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक बैटरी चार्जिंग पर 20 प्रतिशत की रियायत दी है।
सब्सिडी में वृद्धि, वितरण हानियां घटाई गईं
राज्य सरकार द्वारा बिजली उपभोक्ताओं के लिए दी जाने वाली सब्सिडी को 17,100 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 20,400 करोड़ रुपये कर दिया गया है। वहीं, पावर कॉरपोरेशन ने जहां वितरण हानियां 13.71 प्रतिशत प्रस्तावित की थीं, आयोग ने उन्हें घटाकर 12.91 प्रतिशत निर्धारित किया।
नोएडा के उपभोक्ताओं को मिलती रहेगी 10 फीसदी की छूट
नोएडा पावर कंपनी द्वारा अपने क्षेत्र में उपभोक्ताओं को मिलने वाली 10 प्रतिशत रिबेट समाप्त कराने का प्रयास किया जा रहा था, लेकिन परिषद के विरोध के बाद आयोग ने यह रियायत वर्ष 2026-27 में भी यथावत रखने का निर्णय लिया।