थानों पर प्रभारियों की तैनाती को लेकर दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इसके तहत यह तय किया गया है कि जिले का कप्तान द्वारा प्रस्तावित सूची पर रेंज के आईजी या डीआईजी की संस्तुति के बाद ही तैनाती की जाएगी। निर्देशों में कहा गया है कि थाना प्रभारियों की प्रस्तावित सूची पर वे एक सप्ताह में अनुमोदन कर जिले के कप्तान को सूची वापस भेज देंगे।
निर्देशों के इस क्रम में जोन के एडीजी को यह जिम्मेदारी गई है कि वे यह सुनिश्चित करेंगे कि तय मानकों और अनुमोदित सूची के अलावा किसी और को थाने का प्रभार न मिले। उन्हें हर महीने डीजीपी मुख्यालय को इसके लिए प्रमाण पत्र प्रेषित करना होगा।
डीजीपी ओपी सिंह ने इसके लिए सभी मातहत अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। इनमें कहा गया है कि तीन साल की सेवा पूरी करने वाले और 58 वर्ष की आयु तक के ही पुलिस कर्मी थाने के प्रभारी पद के लिए अर्ह होंगे। इसमें यह बाध्यता भी शामिल की गई है कि थाने का प्रभारी बनने वाले पुलिस कर्मी की सत्य निष्ठा पिछले पांच सालों में रोकी न गई हो और पिछले तीन वर्षों में उन्हें किसी किसी गंभीर प्रकृति का दंड अथवा प्रतिकूल प्रविष्टि न मिली हो।