लखनऊ। केजीएमयू में छात्रों को कुछ नए कोर्स पढ़ने का भी मौका मिलेगा। फेलोशिप इन हैंड एंड माईक्रो सर्जरी, एमफिल एंड पीएचडी प्रोग्राम इन जिनोमिक एंड मॉलिक्युलर मेडिसिन और पोस्ट डॉक्टोरेल फेलोशिप पीडीएफ इन इंडोस्कोपी एंड न्यूरो सर्जरी समेत विभिन्न विभागों के कई नए पाठ्यक्रमों को शुरू करने पर भी सहमति दी गई। इस संबंध में केजीएमयू की विद्या परिषद की बैठक सेल्बी हॉल में मंगलवार को हुई जिसमें इन नए पाठ्यक्रमों को शुरू किए जाने पर सहमति बनी।
कुलपति प्रो. एमएलबी भट्ट की अध्यक्षता में हुई बैठक में विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान विद्या परिषद की पिछली बैठक के कार्यवृत्त की पुष्टि की गई। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि विहित प्रक्रिया के अनुसार फैकल्टी पाठ्यक्रम बनाकर प्रकाशित कर दिए जाएं। इस बैठक में सभी पाठ्यक्रमों को यथासंभव एकरूप करने पर भी विचार किया गया। इसके साथ ही अल्पकालिक पाठ्यक्रम फेलोशिप की नीति निर्धारण पर विचार किया गया।
पीएचडी के लिए लागू होंगे नियम व शर्तें
केजीएमयू प्रवक्ता डॉ. सुधीर सिंह ने बताया कि पिछली बैठक में पीएचडी के लिए कुछ नई शर्तों को तय किया गया था उस पर परिषद के सदस्यों ने विस्तृत चर्चा कर अपनी सहमति दे दी। अब पीएचडी के लिए छात्रों को नए नियमों के तहत अपनी रिसर्च करनी होगी। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि पाठयक्रमों में एकरूपता जरूरी है। सभी विभागों को इसके लिए प्रस्ताव तैयार करने होंगे ताकि सभी पाठ्यक्रम समान रूप से चलाए जा सकें। अल्पकालिक पाठ्यक्रम फेलोशिप की नीति निर्धारण पर विचार किया गया। सदस्यों का कहना था कि चिकित्सा क्षेत्र में लगातार विस्तार हो रहा है जिसके कारण संस्थान में भी नए कोर्स शुरू करने होंगे। ऐसा करने पर केजीएमयू अन्य राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय चिकित्सा संस्थान के साथ प्रतियोगिता कर सकेगा। इसी बात को ध्यान में रखते हुए परिषद ने नए कोर्सों को मंजूरी दी है। इन कोर्स के शुरू होने पर छात्र नये विषय में फेलोशिप ले सकेंगे।